Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान गूगल के CEO सुंदर पिचाई को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। ट्रंप ने पिचाई की तारीफ करते हुए उन्हें ‘मॉन्स्टर’ कहा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पिचाई इतने बड़े नाम हैं, लेकिन फिर भी आम तौर पर सुर्खियों से दूर रहते हैं।
यह बातचीत उस समय हुई, जब ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मौजूद सुंदर पिचाई को बोलने के लिए आमंत्रित किया। पिचाई जैसे ही अपनी बात शुरू करने वाले थे, ट्रंप ने उन्हें बीच में रोक दिया और वहां मौजूद टेक्नोलॉजी जगत के दिग्गजों के कद और प्रभाव का जिक्र करने लगे।
Trump: ‘यह आदमी एक मॉन्स्टर है और कोई इन्हें जानता भी नहीं’
ट्रंप ने पिचाई की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह एक ‘मॉन्स्टर’ हैं और इसके बावजूद बहुत कम लोग उन्हें जानते हैं। ट्रंप की टिप्पणी का संदर्भ पिचाई की सार्वजनिक छवि और उनके अपेक्षाकृत लो-प्रोफाइल रहने से जुड़ा था।
ट्रंप ने बातचीत के दौरान पिचाई की ओर देखते हुए कहा कि यह व्यक्ति बहुत बड़ा है, लेकिन इसके बावजूद आम लोगों के बीच उनकी उतनी चर्चा नहीं होती। उन्होंने इस स्थिति को उनके लिए एक तरह की अच्छी जिंदगी बताते हुए अपनी बात रखी।
Trump:
— Clash Report (@clashreport) September 29, 2026
This guy is a monster, and nobody knows. pic.twitter.com/NXAtathj1y
पिचाई ने भी ट्रंप की टिप्पणी पर हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मजाक करते हुए कहा कि उम्मीद है कि ‘मैं एक मॉन्स्टर हूं’ वाली बात उनके लिए बेहतर टैगलाइन साबित होगी।
Trump : ट्रंप ने पिचाई के नाम ‘सुंदर’ का भी किया जिक्र
बातचीत के दौरान ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मौजूद टेक्नोलॉजी क्षेत्र के नेताओं की तारीफ करते हुए कहा कि ये लोग दुनिया के सबसे बड़े लोगों में शामिल हैं और आम लोगों को शायद इनके बारे में पूरी जानकारी नहीं है।
इसके बाद ट्रंप ने पिचाई की ओर इशारा करते हुए उनके नाम का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोगों को बस इतना जानना है कि उनका नाम ‘सुंदर’ है। ट्रंप की इस टिप्पणी पर पिचाई ने भी उसी माहौल में मजाकिया अंदाज अपनाते हुए जवाब दिया।
Trump : ‘मॉन्स्टर’ शब्द को लेकर क्या है संदर्भ
ट्रंप द्वारा सुंदर पिचाई के लिए इस्तेमाल किए गए ‘मॉन्स्टर’ शब्द को बातचीत के संदर्भ में तारीफ के तौर पर देखा गया। टेक और कॉरपोरेट जगत में ‘मॉन्स्टर’ जैसे शब्द का इस्तेमाल किसी कंपनी, संगठन या व्यक्ति के बड़े आकार, प्रभाव या ताकत को बताने के लिए अनौपचारिक तौर पर किया जाता है।
गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल है और सुंदर पिचाई लंबे समय से इसके शीर्ष नेतृत्व का हिस्सा हैं। ऐसे में ट्रंप की टिप्पणी में पिचाई के प्रभाव और उनकी प्रोफेशनल उपलब्धियों की ओर इशारा माना जा रहा है।
Trump : व्हाइट हाउस में जुटे टेक्नोलॉजी जगत के दिग्गज
सुंदर पिचाई को लेकर यह बातचीत व्हाइट हाउस में हुई एक हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद सामने आई। बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान अमेरिका की प्रमुख टेक कंपनियों और AI क्षेत्र से जुड़े कई बड़े चेहरे मौजूद थे।
बैठक में एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई, OpenAI के प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन, अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और एलन मस्क समेत कई प्रमुख टेक लीडर्स शामिल हुए। मस्क की कंपनी एक्स ने अपना AI मॉडल ‘Grok’ भी विकसित किया है।
Trump : Nvidia, Meta और Microsoft के CEO भी रहे मौजूद
व्हाइट हाउस की इस बैठक में Nvidia के CEO जेन्सेन हुआंग, Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग और Microsoft के CEO सत्या नडेला भी मौजूद थे। बैठक में AI के तेजी से बदलते क्षेत्र, तकनीकी विकास और इससे जुड़े व्यापक मुद्दों को लेकर चर्चा हुई।
ट्रंप ने बाद में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर बैठक से जुड़ा सीटिंग चार्ट भी साझा किया। इसमें जेन्सेन हुआंग को ट्रंप के दाईं ओर और एलन मस्क को उनकी बाईं ओर बैठे हुए दिखाया गया था।
Trump : AI पर चर्चा के बीच पिचाई की टिप्पणी बनी चर्चा का विषय
व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी दिग्गजों की मौजूदगी के बीच ट्रंप और सुंदर पिचाई की यह छोटी-सी बातचीत खास तौर पर चर्चा में आ गई। ट्रंप का पिचाई को ‘मॉन्स्टर’ कहना और पिचाई का उसी अंदाज में मजाकिया जवाब देना इस मुलाकात का उल्लेखनीय हिस्सा रहा।
पूरे घटनाक्रम में ट्रंप ने टेक्नोलॉजी क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों के प्रभाव का जिक्र किया, जबकि पिचाई ने अपनी प्रतिक्रिया में बातचीत को हल्के-फुल्के अंदाज में आगे बढ़ाया। बैठक का मुख्य फोकस हालांकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उससे जुड़े तकनीकी मुद्दों पर था।


