Kerala: केरल के एर्नाकुलम स्थित फोर्ट कोच्चि में मंगलवार शाम एक बड़े हादसे ने लोगों में अफरातफरी मचा दी। यहां टावर रोड पर मौजूद ऐतिहासिक कोडर हाउस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इमारत के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और यह महत्वपूर्ण हेरिटेज लैंडमार्क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
लाल ईंटों से बनी यह बहुमंजिला इमारत अपनी ऐतिहासिक वास्तुकला और कोच्चि की यहूदी विरासत से जुड़े इतिहास के लिए जानी जाती थी। मूल रूप से वर्ष 1808 में तैयार की गई इस इंडो-पुर्तगाली शैली की हवेली को बाद में एक लग्जरी बुटीक होटल के रूप में संचालित किया जा रहा था।
Kerala: शाम करीब 7 बजे ऊपरी मंजिल से उठीं आग की लपटें
सामने आई जानकारी के मुताबिक, आग मंगलवार शाम करीब 7 बजे कोडर हाउस की ऊपरी मंजिलों में से एक में लगी। शुरुआती तौर पर आग एक हिस्से तक सीमित दिखाई दी, लेकिन कुछ ही समय में इसकी लपटें इमारत के दूसरे हिस्सों तक पहुंच गईं।
आग की सूचना मिलते ही होटल में मौजूद मेहमानों और कर्मचारियों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की गई। फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के सूत्रों के अनुसार, कई मेहमानों और कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इससे संभावित रूप से एक बड़ा हादसा टल गया।
Kerala: यहूदी कोडर परिवार से जुड़ा था इतिहास
पुलिस के अनुसार, टावर रोड पर स्थित लाल ईंटों की यह तीन मंजिला इमारत कभी कोच्चि के प्रमुख यहूदी कोडर परिवार का निवास हुआ करती थी। कोडर हाउस को फोर्ट कोच्चि की ऐतिहासिक पहचान और यहां की यहूदी विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों में गिना जाता रहा है।
यह इमारत मूल रूप से एक पुर्तगाली हवेली के तौर पर बनाई गई थी। बाद में वर्ष 1905 में सैमुअल एस. कोडर ने इसे खरीदा और इसका पुनर्निर्माण तथा रेनोवेशन कराया। सैमुअल एस. कोडर कोच्चि के प्रसिद्ध यहूदी परिवार से ताल्लुक रखते थे और नीदरलैंड के मानद वाणिज्य दूत के तौर पर भी कार्यरत थे।
Kerala: तीसरी पीढ़ी तक परिवार के पास रही इमारत
कोडर हाउस लंबे समय तक कोडर परिवार के स्वामित्व में रही। परिवार की तीसरी पीढ़ी के समय इसे बेच दिया गया। इसके बाद इस ऐतिहासिक इमारत को अलग-अलग उपयोगों के लिए इस्तेमाल किया गया और अंततः इसे एक लग्जरी बुटीक होटल के रूप में संचालित किया जाने लगा।
इमारत की बनावट इसे फोर्ट कोच्चि के दूसरे भवनों से अलग पहचान देती थी। समुद्र की ओर खुलने वाले बड़े कमरे, लकड़ी के फर्श और बारीकी से नक्काशी किए गए लकड़ी के फर्नीचर इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल थे।
Kerala: इंडो-पुर्तगाली वास्तुकला की थी खास पहचान
कोडर हाउस को फोर्ट कोच्चि की ऐतिहासिक वास्तुकला का अहम उदाहरण माना जाता था। इसकी संरचना में यूरोपीय और भारतीय वास्तुकला का मिश्रण दिखाई देता था। लाल ईंटों से तैयार बाहरी ढांचा और पारंपरिक आंतरिक सज्जा इस इमारत को ऐतिहासिक महत्व प्रदान करती थी।
फोर्ट कोच्चि लंबे समय से अपनी औपनिवेशिक इमारतों, यहूदी विरासत और समुद्री इतिहास के लिए देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। ऐसे में कोडर हाउस में लगी आग से इस क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक इमारत को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
Kerala: शॉर्ट सर्किट की आशंका, नुकसान का आकलन बाकी
अधिकारियों ने शुरुआती तौर पर आग लगने की संभावित वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई है। हालांकि, आग के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
घटना की जानकारी मिलते ही फोर्ट कोच्चि और आसपास के फायर सेंटरों से दमकल की गाड़ियां और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। बचावकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और आग को और फैलने से रोकने की कोशिश की।
फिलहाल कोडर हाउस में आग से हुए कुल आर्थिक और संरचनात्मक नुकसान का विस्तृत आकलन सामने नहीं आया है। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ऐतिहासिक इमारत का कितना हिस्सा पूरी तरह नष्ट हुआ और कितना हिस्सा बचा है।


