Report: Vandna Rawat
Hemp Fiber Export यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश के कारोबारियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का मंच बन रहा है। संभल की भारत हेम्प एग्रो ने करीब 100 टन हेम्प के कृषि अवशेष को हाई-ग्रेड टेक्सटाइल फाइबर में बदलकर इसके लिए नया बाजार तैयार किया है। कंपनी ने अब अमेरिका और दक्षिण कोरिया में हेम्प फाइबर के निर्यात के लिए समझौता ज्ञापन भी किया है।
भारत हेम्प एग्रो के फाउंडर आयुष सिंह के मुताबिक, कंपनी की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। इससे पहले हेम्प के कृषि अवशेष को या तो जला दिया जाता था या फिर फेंक दिया जाता था। कंपनी ने इसी कृषि कचरे को उपयोगी टेक्सटाइल फाइबर में बदलने की दिशा में काम शुरू किया। उनका कहना है कि हेम्प फाइबर प्राकृतिक रूप से एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल होता है, जबकि कॉटन की तुलना में इसके उत्पादन में काफी कम पानी की जरूरत पड़ती है।
एक हजार किसानों की आय दोगुनी होने का दावा
Hemp Fiber Export आयुष सिंह ने बताया कि इस पहल से करीब एक हजार किसानों की आय दोगुनी हुई है। वहीं, अप्रत्यक्ष रूप से करीब तीन हजार ग्रामीण परिवारों को रोजगार और सहयोग मिला है। कंपनी को उत्तर प्रदेश सरकार की प्रोटोटाइप डेवलपमेंट ग्रांट और केंद्र सरकार की नेशनल एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर स्कीम से भी सहयोग मिला है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों से कारोबार की संभावनाएं बढ़ी हैं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के पिछले तीन संस्करणों के दौरान कंपनी को बड़े कारोबारी अवसर मिले। अब अमेरिका और दक्षिण कोरिया में निर्यात के लिए हुए समझौता ज्ञापनों से हेम्प फाइबर को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का रास्ता खुला है।
न्यू एज फाइबर पॉलिसी से बढ़ीं संभावनाएं
Hemp Fiber Export आयुष सिंह के अनुसार, केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की न्यू एज फाइबर पॉलिसी में हेम्प को एलाइड फाइबर के रूप में शामिल किए जाने से इस क्षेत्र में नई संभावनाएं बनी हैं। उन्होंने बताया कि भारत में हेम्प की संभावनाएं होने के बावजूद इससे जुड़े उत्पाद पहले चीन से आयात किए जा रहे थे।
इसी स्थिति को देखते हुए देश में ही हेम्प फाइबर तैयार करने की क्षमता विकसित करने की शुरुआत की गई। कृषि अवशेष से टेक्सटाइल फाइबर तैयार करने की यह पहल अब घरेलू स्तर से आगे बढ़कर अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बाजार तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
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