Report by : Vishal dubey
Manibhadra Temple Ujjain : मध्यप्रदेश के उज्जैन में धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण निर्माण की शुरुआत हुई है। जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक तपागच्छ श्रीसंघ एवं उपाश्रय ट्रस्ट के नवीन उपाश्रय भवन का भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने आयोजित कार्यक्रम में जैन समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
इस नवीन उपाश्रय भवन की सबसे खास विशेषता यहां प्रस्तावित मणिभद्र जी का मंदिर होगा। श्रीसंघ के पदाधिकारियों के अनुसार, मंदिर में मणिभद्र जी के तीन स्वरूपों को एक ही स्थान पर स्थापित किया जाएगा। श्रीसंघ का दावा है कि अपने स्वरूप में यह विश्व का अनूठा और देश का पहला ऐसा मंदिर होगा, जहां मणिभद्र जी के तीनों स्वरूप एक साथ दर्शन देंगे।
Manibhadra Temple Ujjain में एक साथ होंगे तीन स्वरूप
Manibhadra Temple Ujjain की सबसे बड़ी विशेषता मणिभद्र जी के तीन स्वरूपों का एक ही स्थान पर विराजमान होना होगी। श्रीसंघ के अनुसार, भारत के अलग-अलग स्थानों पर विराजित मणिभद्र जी के तीनों स्वरूपों की संकल्पना को उज्जैन में एक स्थान पर साकार किया जाएगा।
यहां मार्बल की प्रतिमाओं के साथ भव्य मंदिर के निर्माण की योजना है। श्रीसंघ के पदाधिकारियों के अनुसार, इसी विशेष स्वरूप के कारण प्रस्तावित मंदिर को विश्व में अपने तरह का अनूठा मंदिर बताया जा रहा है।
Manibhadra Temple Ujjain की आधारशिला पर्युषण पर्व के समापन पर रखी गई
Manibhadra Temple Ujjain से जुड़ी परियोजना की शुरुआत जैन समाज के आठ दिवसीय पर्युषण पर्व के समापन अवसर पर हुई। उज्जैन में इस दौरान संवत्सरी पर्व मनाया गया। कार्यक्रम में सामूहिक क्षमायाचना और पर्युषण पर्व के समापन से जुड़े आयोजन हुए।
इसी अवसर पर नवीन उपाश्रय भवन के निर्माण की आधारशिला रखी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूमि पूजन कर भवन निर्माण की शुरुआत की। कार्यक्रम में जैन समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
Manibhadra Temple Ujjain के साथ बनेगा आधुनिक उपाश्रय भवन
Manibhadra Temple Ujjain के साथ बनने वाला नवीन उपाश्रय भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। श्रीसंघ के अध्यक्ष संजय नाहर एडवोकेट के अनुसार, पुराने उपाश्रय भवन को हटाकर नया भवन बनाने का संकल्प लिया गया था। भूमि पूजन को इसी दिशा में पहली सीढ़ी बताया गया है।
नए भवन में साधु-साध्वियों के ठहरने की व्यवस्था के साथ जैन समाज के श्रद्धालुओं के लिए भी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। चातुर्मास सहित धार्मिक आयोजनों के दौरान देशभर से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिलेगा।
Manibhadra Temple Ujjain में सामूहिक भोजनशाला और लाइब्रेरी भी बनेगी
Manibhadra Temple Ujjain परियोजना केवल मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी। प्रस्तावित नवीन उपाश्रय भवन में सामूहिक भोजनशाला भी बनाई जाएगी। इसके जरिए धार्मिक आयोजनों और चातुर्मास के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
इसके अलावा जैन धर्म के शास्त्रों के अध्ययन और शोध के लिए आधुनिक लाइब्रेरी बनाने का भी प्रस्ताव है। इससे धार्मिक साहित्य के अध्ययन के साथ शोध से जुड़ी गतिविधियों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
Manibhadra Temple Ujjain में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा
Manibhadra Temple Ujjain के निर्माण के साथ उपाश्रय भवन को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यहां देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और साधु-साध्वियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
श्रीसंघ के सचिव सुरेश जैन के अनुसार, चातुर्मास के दौरान बड़ी संख्या में साधु-साध्वियों के साथ श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए भवन को आधुनिक स्वरूप देने की योजना बनाई गई है।
Manibhadra Temple Ujjain के भूमि पूजन से जैन समाज में उत्साह
Manibhadra Temple Ujjain से जुड़ी इस परियोजना के भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी से जैन समाज में उत्साह का माहौल रहा। समाज के पदाधिकारियों और समाजजनों ने नवीन उपाश्रय भवन तथा प्रस्तावित मंदिर को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को देखते हुए भी शहर में धार्मिक और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई कार्य चल रहे हैं। हाल के वर्षों में शहर में धार्मिक स्थलों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी कई परियोजनाओं पर काम हुआ है।
Manibhadra Temple Ujjain बनेगा परियोजना की सबसे खास पहचान
Manibhadra Temple Ujjain में मणिभद्र जी के तीन स्वरूपों को एक ही स्थान पर साकार करने की योजना इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे विशेष पहचान होगी। मंदिर के साथ आधुनिक उपाश्रय भवन, भोजनशाला और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
उज्जैन में बनने वाला यह नवीन उपाश्रय भवन धार्मिक आस्था के साथ अध्ययन, शोध और श्रद्धालुओं की सुविधा का केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।


