Tamia Health Center : तामिया। संवाददाता दिनेश नागवंशी। मध्य प्रदेश के तामिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की कथित लापरवाही को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जरूरत के समय अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते, जबकि कुछ कर्मचारी मरीजों का इलाज करते नजर आते हैं।
Tamia Health Center में डॉक्टरों की गैरमौजूदगी का आरोप
जनप्रतिनिधियों की शिकायत के अनुसार, Tamia Health Center में मरीजों को जब डॉक्टर की आवश्यकता होती है, उस समय डॉक्टर अस्पताल परिसर में मौजूद नहीं मिलते। आरोप है कि डॉक्टरों की गैरमौजूदगी के कारण मरीजों को उपचार के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्था में डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी बेहद जरूरी है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीज इलाज की उम्मीद लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों के उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।
Tamia Health Center में कर्मचारियों पर इलाज का आरोप
Tamia Health Center की व्यवस्था को लेकर की गई शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अस्पताल में कुछ कर्मचारी मरीजों का इलाज करते हुए देखे जा रहे हैं। डॉक्टरों की अनुपस्थिति में कर्मचारियों द्वारा मरीजों को देखने के आरोप ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर स्थिति की जांच कराने और अस्पताल में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है।
Tamia Health Center में हाजिरी लगाकर गायब होने का आरोप
शिकायत में Tamia Health Center के कुछ कर्मचारियों के ड्यूटी से नदारद रहने को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ कर्मचारी अस्पताल के गेट के बाहर ही हाजिरी लगाकर चले जाते हैं और इसके बाद अपने कार्यस्थल पर मौजूद नहीं रहते।
अगर ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो इससे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की उपस्थिति और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
Tamia Health Center में CHO के अप-डाउन का आरोप
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि Tamia Health Center से जुड़े क्षेत्र में पदस्थ अधिकांश Community Health Officers (CHO) मुख्यालय में निवास नहीं कर रहे हैं और अप-डाउन कर रहे हैं।
ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में CHO की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर उनकी उपलब्धता नहीं होने से मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में परेशानी होने का आरोप लगाया गया है।
Tamia Health Center से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
Tamia Health Center के अलावा ग्रामीण अंचलों की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। आरोप है कि डॉक्टरों और कर्मचारियों की कथित लापरवाही के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में मरीजों को निजी स्तर पर इलाज कराना पड़ता है। वहीं, कई ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे चिकित्सा व्यवस्था चलने का भी आरोप लगाया गया है।
Tamia Health Center को लेकर जनप्रतिनिधियों ने की शिकायत
Tamia Health Center की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर युवा मोर्चा अध्यक्ष वतन उपाध्याय, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता गोपाल साहू और भाजपा कार्यकर्ता कुरैश डेहरिया ने अपनी आपत्तियां सामने रखी हैं। उन्होंने उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कराने और अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
वहीं, इस पूरे मामले में तामिया के बीएमओ डॉ. भुवनेश कुमार का पक्ष भी सामने आया है। अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति तथा लगाए गए आरोपों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्या जवाब दिया जाता है, यह इस मामले में अहम होगा।
Tamia Health Center मामले की जांच के बाद साफ होगी स्थिति
Tamia Health Center को लेकर लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायत और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की आधिकारिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डॉक्टरों और कर्मचारियों की गैरमौजूदगी तथा मरीजों के इलाज से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है।
स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना ग्रामीण मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।


