गोवा सरकार ने पैराग्लाइडिंग गतिविधियों पर लगाई रोक, सुरक्षा उल्लंघन के बाद की कार्रवाई
गोवा सरकार ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया, जिसके तहत पूरे राज्य में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। यह कदम एक सप्ताह पहले हुए एक दुखद हादसे के बाद उठाया गया, जिसमें दो लोग पैराग्लाइडिंग करते हुए मारे गए थे।

आदेश का मजमून
गोवा के पर्यटन निदेशक, केदार ए. नाइक द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, राज्य में मोटरयुक्त और गैर-मोटरयुक्त दोनों प्रकार की पैराग्लाइडिंग गतिविधियाँ “तत्काल प्रभाव से पूरे तटीय राज्य में रोक दी जाती हैं, जब तक आगे का आदेश नहीं दिया जाता।”
आदेश में यह भी कहा गया कि पर्यटन विभाग राज्य भर में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों से संबंधित सभी मौजूदा पंजीकरणों की समीक्षा करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी गतिविधियाँ सुरक्षा मानकों के अनुसार संचालित हो रही हैं।
क्या करेंगे ऑपरेटर?
आदेश के अनुसार, सभी पैराग्लाइडिंग ऑपरेटरों को आवश्यक दस्तावेज़ संबंधित प्राधिकरण को प्रस्तुत करने होंगे। इसके साथ ही, पुलिस अधिकारी और उनके थाना प्रभारी को इस आदेश के पालन में सहायता करने का निर्देश दिया गया है।
उल्लंघन की स्थिति:
यदि कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था या फर्म इस आदेश का पालन नहीं करती है, तो उसे 50,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा और भारतीय दंड संहिता के तहत दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
पैराग्लाइडिंग हादसा
यह आदेश उस पैराग्लाइडिंग हादसे के बाद आया, जिसमें 27 वर्षीय शिवानी डबाले और 26 वर्षीय पायलट सुमन नेपाली की मौत हो गई। यह दुर्घटना 18 जनवरी को उत्तर गोवा के केरिम इलाके में हुई।
घटना के अनुसार, शिवानी और सुमन ने केरी पठार से पैराग्लाइडिंग की शुरुआत की थी, लेकिन उड़ान के दौरान एक तार टूटने से उनका संतुलन बिगड़ गया और वे चट्टानों से टकराकर गहरे घाटी में गिर गए।
पुलिस और विभागीय कार्रवाई:
इस घटना के बाद, पुलिस ने एक एडवेंचर स्पोर्ट्स कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने बिना आवश्यक अनुमतियों और वैध लाइसेंस के पैराग्लाइडिंग का संचालन किया था। पर्यटन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि केरी पठार पर पैराग्लाइडिंग के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति या मंजूरी नहीं दी गई थी।
यह कदम गोवा सरकार द्वारा पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है और यह दिखाता है कि राज्य अपनी पर्यटन गतिविधियों के संचालन में कड़ी निगरानी रखेगा।





