BY: Yoganand Shrivastva
Saharanpur Mosque Demolition उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण का मामला अब इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंच गया है। मस्जिद कमेटी ने जिला प्रशासन की कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की है। कमेटी की ओर से मुतवल्ली के बेटे मोहम्मद तनवीर अहमद ने अदालत का रुख किया है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई से पहले न तो उचित कानूनी नोटिस दिया गया और न ही वैध ध्वस्तीकरण आदेश की प्रक्रिया का पालन किया गया। याचिकाकर्ता ने प्रशासन की कार्रवाई को कानूनी प्रक्रिया के विपरीत बताते हुए पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है।
मस्जिद कमेटी ने हाई कोर्ट में क्या चुनौती दी?
Saharanpur Mosque Demolition मस्जिद कमेटी ने हाई कोर्ट से जिला प्रशासन की ओर से की गई ध्वस्तीकरण कार्रवाई की वैधता पर विचार करने की मांग की है। मामले की सुनवाई सिंगल बेंच में होने की संभावना है।
याचिका में कमेटी ने दावा किया है कि कार्रवाई के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। अब अदालत के सामने प्रशासन की कार्रवाई और याचिका में लगाए गए आरोपों पर सुनवाई होगी।
Saharanpur Mosque Demolition वहीं, प्रशासन का पक्ष है कि कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद निर्माण अवैध था और इसे हटाने की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के बाद की गई। ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
जिला अदालत से खारिज हो चुकी है मुस्लिम पक्ष की अपील
Saharanpur Mosque Demolition सहारनपुर कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद को हटाने का मामला पहले जिला अदालत तक पहुंचा था। मुस्लिम पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देते हुए अपील दाखिल की थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने अपील खारिज करते हुए पहले के आदेश को बरकरार रखा।
इससे पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 17 जुलाई को कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित निर्माण को अवैध घोषित करते हुए उसे हटाने का आदेश दिया था। आदेश में सरकारी जमीन पर कथित कब्जे और उसके गलत इस्तेमाल के मामले में संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद अब मस्जिद कमेटी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
हाई कोर्ट के रुख पर टिकी निगाहें
Saharanpur Mosque Demolition यह पूरा विवाद बजरंग दल के पूर्व प्रांतीय समन्वयक विकास त्यागी की शिकायत के बाद शुरू हुआ था। शिकायत के बाद प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर मामले की कार्रवाई आगे बढ़ी।
ध्वस्तीकरण के समय कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अब मस्जिद कमेटी की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई अहम मानी जा रही है। अदालत प्रशासन की कार्रवाई और याचिका में लगाए गए आरोपों पर क्या रुख अपनाती है, इस पर सभी की नजर है।
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