BY: Yoganand Shrivastva
Gorakhpur University दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों के आंदोलन के बीच पुलिस चौकी प्रभारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी अविरल मिश्रा छात्रों पर नाराज होते हुए दिखाई दे रहे हैं। वह कथित तौर पर छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की बात कहते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल बुलाने की चेतावनी देते नजर आ रहे हैं।
मामला छात्रों और विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रॉक्टर के बीच हुए विवाद के बाद का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
छात्रों और असिस्टेंट प्रॉक्टर के बीच कहासुनी से बिगड़ा माहौल
Gorakhpur University घटना 8 सितंबर की दोपहर करीब ढाई बजे की बताई जा रही है। प्रशासनिक भवन के नीचे छात्र नेता सतीश प्रजापति और उज्जवल सिंह अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। इसी दौरान असिस्टेंट प्रॉक्टर वेद प्रकाश राय वहां पहुंचे और छात्र नेताओं से बातचीत शुरू की।
Gorakhpur University बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, इसके बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई और कुछ छात्र नेता नीचे गिर गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। छात्रों के बीच घिरे असिस्टेंट प्रॉक्टर को गार्ड वहां से निकालकर उनके कार्यालय तक ले गए।
वायरल वीडियो में चौकी प्रभारी ने दी फोर्स बुलाने की चेतावनी
Gorakhpur University घटना के बाद सामने आए वीडियो में चौकी प्रभारी अविरल मिश्रा छात्रों से नाराजगी जताते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह आंदोलन के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं कि यह शांतिपूर्ण धरना नहीं है और छात्र कॉलर पकड़ने तक की स्थिति में आ रहे हैं।
इसी दौरान वह बड़ी संख्या में पुलिस बल बुलाने की बात कहते हुए छात्रों को चेतावनी देते नजर आते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की भूमिका और चौकी प्रभारी के व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, गोरखपुर पुलिस ने वायरल वीडियो को लेकर अपना पक्ष भी सामने रखा है। पुलिस के मुताबिक, 8 सितंबर को विश्वविद्यालय परिसर में निष्कासित छात्रों से प्रॉक्टर और अन्य अधिकारियों की बातचीत चल रही थी। इसी दौरान कुछ छात्र कथित तौर पर उग्र हो गए और प्रॉक्टर के साथ अभद्रता, धक्का-मुक्की तथा मारपीट का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर प्रॉक्टर को सुरक्षित बाहर निकाला और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने कहा है कि मामले में जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
25 अगस्त से आंदोलन, निष्कासित छात्रों की बहाली की मांग
Gorakhpur University छात्र नेताओं का आंदोलन 25 अगस्त से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने चल रहा है। शुरुआत में छात्र धरने पर बैठे थे, लेकिन मांगों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए 5 सितंबर से आंदोलन को भूख हड़ताल में बदल दिया गया। छात्र नेता सतीश प्रजापति पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे होने की बात कह रहे हैं।
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में विश्वविद्यालय से निष्कासित छात्रों की बहाली शामिल है। छात्रों का आरोप है कि अपनी समस्याएं उठाने और अपनी बात रखने वाले विद्यार्थियों पर निष्कासन की कार्रवाई की गई। इसके अलावा छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग भी की जा रही है।
छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लेता, आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जांच की जा रही है।
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