Report: Umang pandey
Basti News कप्तानगंज पुलिस ने फर्जी फाइनेंसर बनकर राहगीरों की गाड़ियां जबरन कब्जे में लेने और बाद में वाहन मालिकों से पैसे मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों आदर्श सिंह और शशांक पाण्डेय को गिरफ्तार किया है। दोनों को रेहरवा-टिनिच मार्ग पर नहर पुलिया के पास से पकड़ा गया।
Basti News पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोटरसाइकिलें और वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार बरामद की है। अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए कार्रवाई की जानकारी दी।
राहगीरों को धमकाकर कब्जे में लेते थे वाहन
Basti News पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य राहगीरों की गाड़ियों को निशाना बनाते थे। इसके बाद खुद को फाइनेंसर बताकर वाहन मालिकों को मौत या गंभीर चोट का डर दिखाकर वाहन अपने कब्जे में ले लेते थे।

आरोप है कि वाहन कब्जे में लेने के बाद उसके मालिक से पैसे की मांग की जाती थी। रकम नहीं देने पर आरोपी वाहन लेकर फरार हो जाते थे। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कप्तानगंज क्षेत्र से तीन मोटरसाइकिलें जबरन कब्जे में लेने की बात स्वीकार की है।
कोड के जरिए मिलते थे निर्देश, कई आरोपी पुलिस के रडार पर
Basti News पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अभिषेक यादव के पास एक कथित कोड रहता था और उसी के निर्देश पर वाहनों को निशाना बनाया जाता था। इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है।
मामले में विशाल भारद्वाज और अमन सिंह समेत अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ कप्तानगंज थाने में पहले से दो मुकदमे दर्ज हैं और उनका आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
स्विफ्ट कार सीज, पुलिस ने लोगों से की अपील
Basti News वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार को पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने और उनके द्वारा की गई अन्य वारदातों की जानकारी जुटाने में लगी है।
बस्ती पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति बिना वैध नोटिस या दस्तावेज के वाहन कब्जे में लेने की कोशिश करता है अथवा धमकाकर पैसे मांगता है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद फर्जी फाइनेंसर बनकर सड़क पर वसूली करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।


