Afghanistan: अफगानिस्तान में बुधवार सुबह एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.2 दर्ज की गई। भूकंप के झटके सुबह करीब 10 बजकर 01 मिनट पर महसूस किए गए।
भूकंप के बाद फिलहाल किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों या स्थानीय प्रशासन की ओर से भी अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि, भूकंप के झटकों के बाद कुछ इलाकों में लोगों के बीच हलचल जरूर देखने को मिली।
Afghanistan: लगातार भूकंप से संवेदनशील बने क्षेत्र
अफगानिस्तान और उसके आसपास का इलाका भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। यहां समय-समय पर मध्यम और हल्की तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। अफगानिस्तान के अलावा नेपाल, तिब्बत और भारत के पूर्वोत्तर हिस्सों में भी पिछले कुछ दिनों में भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं।
इन घटनाओं के बीच बुधवार को अफगानिस्तान में आए 4.2 तीव्रता के भूकंप ने एक बार फिर क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों को लेकर ध्यान खींचा है।
Afghanistan: नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में भी आया था भूकंप
इससे एक दिन पहले मंगलवार को नेपाल के पश्चिमोत्तर हिस्से में स्थित मुस्तांग जिले में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 5.3 मापी गई थी।
भूकंप का केंद्र मुस्तांग जिले के लोमान्थांग इलाके में बताया गया था। यह क्षेत्र काठमांडू से लगभग 375 किलोमीटर पश्चिमोत्तर दिशा में स्थित है। भूकंप रात करीब 9 बजकर 53 मिनट पर आया था।
Afghanistan: कई नेपाली जिलों में महसूस हुए झटके
5.3 तीव्रता वाले इस भूकंप के झटके नेपाल के कई इलाकों में महसूस किए गए। मुस्तांग के अलावा मनांग, डोल्पा और म्याग्दी जिलों में भी लोगों को कंपन महसूस हुआ।
भूकंप के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में चिंता जरूर बढ़ी, लेकिन तत्काल किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई। भूकंप की गहराई करीब 35 किलोमीटर बताई गई थी।
Afghanistan: अरुणाचल प्रदेश में भी कांपी धरती
मंगलवार को ही भारत के अरुणाचल प्रदेश में भी हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिछोम क्षेत्र में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.9 रही।
भूकंप सुबह 5 बजकर 44 मिनट 15 सेकंड पर दर्ज किया गया था। इसकी गहराई जमीन के भीतर करीब 10 किलोमीटर थी। भौगोलिक स्थिति के आधार पर भूकंप का केंद्र तवांग के आसपास के क्षेत्र में बताया गया।
Afghanistan: सोमवार को भी अफगानिस्तान में आया था भूकंप
अफगानिस्तान में सोमवार को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, उस समय भूकंप की तीव्रता 4.1 दर्ज की गई थी।
यह भूकंप सोमवार सुबह करीब 5 बजकर 36 मिनट पर आया था। इसकी गहराई जमीन के भीतर लगभग 130 किलोमीटर बताई गई थी। उस घटना में भी तत्काल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई थी।
Afghanistan: तिब्बत में भी दर्ज हुई थी 5.0 तीव्रता
भूकंपीय गतिविधियों के बीच तिब्बत में भी 5.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, यह भूकंप गुरुवार दोपहर करीब 1 बजकर 46 मिनट पर आया था।
NCS के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 14 किलोमीटर नीचे था। भूकंप का स्थान 31.479 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.370 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया था।
Afghanistan: नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप ने बढ़ाई चिंता
नेपाल-तिब्बत सीमा से जुड़े इलाकों में भूकंप की घटनाएं ऐसे समय में सामने आई हैं, जब क्षेत्र पहले ही विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित रहा है। हालिया बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। ऐसे में प्राकृतिक आपदाओं की लगातार घटनाओं के कारण स्थानीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है।
हालांकि, अलग-अलग समय पर आए इन भूकंपों को एक-दूसरे से सीधे जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। हर भूकंप की तीव्रता, गहराई और भौगोलिक स्थिति अलग होती है। वैज्ञानिक संस्थाएं इन गतिविधियों की लगातार निगरानी करती हैं।
Afghanistan: अभी किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं
बुधवार सुबह अफगानिस्तान में आए 4.2 तीव्रता के भूकंप के बाद सबसे राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी तरह के बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
अफगानिस्तान समेत आसपास के भूकंपीय क्षेत्रों में लगातार दर्ज हो रहे झटकों को देखते हुए विशेषज्ञ और निगरानी एजेंसियां जमीन के भीतर होने वाली गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।


