BRICS Summit: दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम् में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी और हाई प्रोफाइल डेलिगेशन शामिल होने वाले हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संभावित दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
सम्मेलन की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय एजेंसियों, दिल्ली पुलिस और अलग-अलग देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच करीब एक महीने पहले ही समन्वय बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में विदेशी मेहमानों की सुरक्षा, उनके ठहरने की व्यवस्था, आवाजाही और कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए हैं।
BRICS Summit: NSG ने चलाया ‘ऑपरेशन BRICS कवच’
BRICS सम्मेलन से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी NSG ने मंगलवार को दिल्ली के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर बड़े स्तर की मॉक ड्रिल की। करीब तीन घंटे तक चले इस अभ्यास को ‘ऑपरेशन BRICS कवच’ नाम दिया गया था। इसमें लगभग 100 NSG कमांडो के साथ दिल्ली पुलिस की SWAT यूनिट ने भी हिस्सा लिया।
यह मॉक ड्रिल सुबह करीब 11:30 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच आयोजित की गई। अभ्यास के लिए जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, राजघाट, भारत मंडपम् और आर्मी पोलो ग्राउंड जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को शामिल किया गया। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की तैयारियों और आपसी समन्वय को परखना था।
BRICS Summit: 11 बड़े होटल हाई सिक्योरिटी जोन में
BRICS सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी राष्ट्राध्यक्षों, डेलिगेशन और वरिष्ठ अधिकारियों के ठहरने के लिए दिल्ली के कई बड़े फाइव स्टार होटलों को पहले ही सुरक्षा घेरे में लिया जा चुका है। इन होटलों की सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच के साथ-साथ वहां आने-जाने वालों की निगरानी और अन्य सुरक्षा प्रोटोकॉल को भी मजबूत किया गया है।
सुरक्षा घेरे में शामिल प्रमुख होटलों में ताज होटल, ITC मौर्य, ली मेरिडियन, द क्लेरिजेस, द अशोका, द लीला पैलेस, होटल जनपथ, शंगरी-ला और ताज महल होटल समेत अन्य प्रमुख होटल शामिल हैं। विदेशी डेलिगेशन के लिए गुरुग्राम के एक होटल को भी पहले से रिजर्व रखा गया है।
BRICS Summit: राष्ट्राध्यक्षों के लिए तैयार किया गया खास सुरक्षा चक्र
सम्मेलन की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी एक एजेंसी तक सीमित नहीं रखी गई है। NSG, दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय के जरिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है।
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के होटल से लेकर सम्मेलन स्थल तक आने-जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा जांच और निगरानी को बढ़ाया गया है। इन इलाकों में एंटी-सबोटाज जांच, बम डिटेक्शन टीम और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं तैनात रहेंगी। सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील स्थानों और प्रमुख मार्गों पर लगातार निगरानी रखेंगी।
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के साथ आने वाली उनकी अपनी सुरक्षा टीमों ने भी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय किया है। सम्मेलन के दौरान विदेशी नेताओं के साथ बड़ी संख्या में सुरक्षा और स्टाफ वाहनों का काफिला भी दिल्ली में रहेगा। जानकारी के मुताबिक, कुछ विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के लिए करीब 100 कारों तक का काफिला दिल्ली पहुंच सकता है।
BRICS Summit: भारत मंडपम् रहेगा BRICS सम्मेलन का मुख्य केंद्र
BRICS सम्मेलन से जुड़े मुख्य कार्यक्रम भारत मंडपम् में आयोजित किए जाएंगे। विदेशी नेताओं का प्रमुख कार्यक्रम यहीं रहेगा और सम्मेलन के आधिकारिक सत्र भी इसी परिसर में होने हैं।
इसके अलावा जिन राष्ट्राध्यक्षों की भारत के साथ द्विपक्षीय बैठकें निर्धारित होंगी, वे सुरक्षा और सरकारी प्रोटोकॉल के तहत संबंधित स्थानों पर जा सकते हैं। इन बैठकों और अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए भी अलग सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है।
BRICS Summit: विदेशी नेताओं की मूवमेंट रखी जाएगी गोपनीय
सुरक्षा कारणों से विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की दिल्ली में आवाजाही से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है। उनके संभावित रूट, समय और अनौपचारिक कार्यक्रमों को सुरक्षा एजेंसियों ने गोपनीय रखा है।
सुरक्षा एजेंसियों का फोकस सम्मेलन स्थल, होटल और इनके बीच आने-जाने वाले मार्गों को सुरक्षित रखने के साथ किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने पर है। BRICS सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेताओं और हाई प्रोफाइल डेलिगेशन की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर तैयार किया गया है।


