नई दिल्ली: देश में हर साल बजट तैयार होता है, बजट की घोषणा वित्त मंत्री करत है। लेकिन इसके साथ ही एक रस्म भी होती है, जिसे हलवा सेरेमनी कहते है। आखिर बजट से पहले इस सेरेमनी को क्यों मनाया जाता है, क्या है इसके लिए तर्क। चलिए जानते है विस्तार से हलवा सेरेमनी भारतीय बजट प्रक्रिया की एक अनोखी और महत्वपूर्ण परंपरा है। यह हर साल बजट दस्तावेज़ों की छपाई शुरू होने से पहले वित्त मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक में आयोजित की जाती है। इस रस्म का उद्देश्य बजट तैयार करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों की मेहनत का सम्मान करना और बजट की गोपनीयता बनाए रखना है।
हलवा सेरेमनी क्या है?
हलवा सेरेमनी बजट दस्तावेज़ों की छपाई शुरू होने का प्रतीक है।
- इसमें एक बड़ी कड़ाही में हलवा तैयार किया जाता है।
- इसे बजट तैयार करने वाले सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को परोसा जाता है।
- इस रस्म के बाद लॉक-इन पीरियड शुरू हो जाता है।

लॉक-इन पीरियड के नियम:
- बजट तैयार करने वाले सभी अधिकारी और कर्मचारी नॉर्थ ब्लॉक के अंदर ही रहते हैं।
- उन्हें किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने-जुलने की अनुमति नहीं होती।
- यह सुनिश्चित किया जाता है कि बजट से जुड़ी कोई भी जानकारी लीक न हो।
हलवा सेरेमनी का इतिहास
- 1950 से पहले: बजट की छपाई राष्ट्रपति भवन में होती थी।
- 1950 में लीक की घटना: बजट लीक होने के बाद इसे नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में स्थानांतरित कर दिया गया।
- आज, बजट छपाई के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) द्वारा नियमित निरीक्षण किए जाते हैं।
हलवा सेरेमनी 2025: इस साल क्या है खास?
इस साल हलवा सेरेमनी 24 जनवरी 2025 को शाम 5 बजे आयोजित की जाएगी।
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसकी अगुआई करेंगी।
- उनके साथ वित्त राज्य मंत्री और बजट तैयार करने वाले अधिकारी भी इस समारोह में भाग लेंगे।
- वित्त मंत्री हलवा तैयार करने में भी हिस्सा लेंगी।
- इस समारोह के बाद सभी कर्मचारी लॉक-इन पीरियड में प्रवेश करेंगे, जो 1 फरवरी को बजट पेश होने तक जारी रहेगा।
कोरोना काल और हलवा सेरेमनी
कोरोना महामारी के दौरान 2021 में हलवा सेरेमनी को स्थगित कर दिया गया था।
- इसके बजाय कर्मचारियों को मिठाई बांटी गई।
- बजट पहली बार पूरी तरह से पेपरलेस तरीके से तैयार किया गया।
2022 से हलवा सेरेमनी को दोबारा पारंपरिक तरीके से आयोजित किया जा रहा है।
हलवा सेरेमनी का महत्व
- टीमवर्क और सम्मान का प्रतीक: यह उन कर्मचारियों के प्रति आभार प्रकट करता है, जो बजट तैयार करने में अपनी कड़ी मेहनत करते हैं।
- गोपनीयता बनाए रखना: लॉक-इन पीरियड बजट की जानकारी लीक होने से बचाने का सबसे अहम हिस्सा है।
- सांस्कृतिक परंपरा: यह भारतीय प्रशासन में उत्सव और मानवता का भाव जोड़ती है।
बजट 2025-26 की उम्मीदें
हलवा सेरेमनी केवल एक रस्म नहीं, बल्कि यह बजट प्रक्रिया की शुरुआत का संकेत है। इस साल का बजट रोजगार, महंगाई और आर्थिक सुधार जैसे क्षेत्रों में राहत देने की उम्मीद लेकर आ रहा है।
हलवा सेरेमनी भारतीय प्रशासन की अनूठी परंपरा है, जो गोपनीयता, सम्मान और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने का प्रतीक है।
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