Bilaspur Children Drowning : बिलासपुर। तखतपुर के समडील गांव में घोंघा नाले के तेज बहाव में बहे तीनों स्कूली बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं। शनिवार को स्कूल से घर लौटते समय घोंघा नाले का पुल पार करते वक्त तीनों बच्चे अचानक पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए थे। हादसे के बाद SDRF की टीम ने लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। ग्रामीणों की मदद से पहले एक बच्चे का शव बरामद किया गया, जबकि आज सुबह SDRF ने दो अन्य बच्चों के शव भी खोज निकाले।
Bilaspur Children Drowning हादसे की खबर सामने आने के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। बताया जा रहा है कि तीनों बच्चे एक ही परिवार के दो भाइयों के थे। बच्चों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

Bilaspur Children Drowning : घोंघा नाले के पुल को पार करते समय तेज बहाव में बहे तीनों बच्चे
जानकारी के अनुसार तखतपुर क्षेत्र के समडील गांव के तीन बच्चे रोजाना की तरह शनिवार को स्कूल गए थे। स्कूल की छुट्टी के बाद तीनों बच्चे घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उन्हें घोंघा नाले का पुल पार करना था। पुल पार करते समय अचानक नाले में पानी का तेज बहाव आया और तीनों बच्चे उसकी चपेट में आकर बह गए।
Bilaspur Children Drowning मामले में घटना के बाद आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और बच्चों की तलाश शुरू की। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर काफी प्रयास किया। इसी दौरान एक बच्चे का शव बरामद कर लिया गया, लेकिन दो अन्य बच्चों का कोई पता नहीं चल सका।
घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई। इसके बाद SDRF की टीम को मौके पर बुलाया गया और लापता दोनों बच्चों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
Bilaspur Children Drowning : रात में अंधेरा और तेज बहाव बना रेस्क्यू में बड़ी चुनौती
SDRF की टीम ने नाले में बच्चों की तलाश के लिए अभियान चलाया, लेकिन रात होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अंधेरे के साथ नाले में पानी का तेज बहाव भी तलाशी अभियान में बड़ी बाधा बना हुआ था।
रात में लगातार प्रयास के बावजूद दोनों बच्चों का पता नहीं चल सका। इसके बाद सुबह होते ही SDRF की टीम ने एक बार फिर तलाशी अभियान शुरू किया। टीम ने नाले के आसपास और पानी के बहाव वाले हिस्सों में सघन तलाशी ली।
Bilaspur Children Drowning : पुल से कुछ दूरी पर मिले दोनों बच्चों के शव
सुबह SDRF की टीम को पुल से कुछ दूरी पर दो अन्य बच्चों के शव दिखाई दिए। टीम ने दोनों शवों को नाले से बाहर निकाला। इसके साथ ही हादसे में लापता हुए तीनों बच्चों की तलाश पूरी हो गई।
Bilaspur Children Drowning हादसे में तीनों बच्चों की मौत की खबर से परिवार पूरी तरह सदमे में है। वहीं समडील गांव में भी शोक की लहर है। जिस परिवार के तीन मासूम बच्चे एक साथ हादसे का शिकार हुए, वहां मातम का माहौल बना हुआ है।
Bilaspur Children Drowning : एक ही परिवार के दो भाइयों के थे तीनों बच्चे
बताया जा रहा है कि हादसे में जान गंवाने वाले तीनों बच्चे एक ही परिवार से थे। तीनों बच्चे दूसरी और तीसरी कक्षा में पढ़ते थे। रोजाना की तरह स्कूल जाना और वापस घर लौटना इस परिवार के लिए जिंदगी की सबसे दर्दनाक घटना में बदल गया।
ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान घोंघा नाले में अचानक पानी बढ़ गया था। तेज बहाव के कारण पुल पार करना बेहद खतरनाक हो गया था। इसी दौरान तीनों बच्चे पानी में बह गए।
Bilaspur Children Drowning : बारिश में नदी-नालों के तेज बहाव से बढ़ा खतरा
मानसून के दौरान नदी और नालों में अचानक पानी बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में हादसों का खतरा बढ़ जाता है। घोंघा नाले की यह घटना भी इसी खतरे की गंभीर तस्वीर सामने लाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान ऐसे पुलों और नालों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। पानी का बहाव बढ़ने पर लोगों को पुल पार करने से रोकने के लिए प्रशासन की ओर से जरूरी इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
Bilaspur Children Drowning की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। तीन मासूमों की एक साथ मौत से परिवार और गांव में गम का माहौल है। प्रशासन और बचाव टीम की कार्रवाई के बाद तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं।




