BY: Yoganand Shrivastva
UP Assembly Social Media Action उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधानसभा सचिवालय से जुड़ी भ्रामक, असत्य या आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे ने इस संबंध में सूचना विभाग के निदेशक को पत्र भेजकर सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री को लेकर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

विधानसभा सचिवालय ने जताई आपत्ति
UP Assembly Social Media Action प्रमुख सचिव के पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर विधानसभा और विधानसभा सचिवालय के बारे में कथित तौर पर अनर्गल, असत्य और निराधार सामग्री प्रसारित की जा रही है। पत्र के मुताबिक विधानसभा एक संवैधानिक संस्था है और इससे जुड़े लोगों के खिलाफ बिना तथ्य के टिप्पणी करना उचित नहीं है।

भ्रामक पोस्ट पर कानूनी कार्रवाई के संकेत
UP Assembly Social Media Action पत्र में सूचना विभाग से ऐसे मामलों पर नजर रखने और संबंधित लोगों के खिलाफ सुसंगत नियमों एवं कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर विधानसभा, उसके अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर पोस्ट करने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, खासकर अगर सामग्री तथ्यहीन या आपत्तिजनक पाई जाती है।
सतीश महाना के बयान भी रहे चर्चा में
UP Assembly Social Media Action हाल के दिनों में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के कुछ बयान सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहे हैं। उनके बयानों को लेकर अलग-अलग लोगों ने अपने-अपने नजरिए से प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने उनके बयान की तारीफ की तो कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर तंज भी कसे। अब विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी पत्र के बाद सोशल मीडिया पर विधानसभा से जुड़ी पोस्ट को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।




