BY
Yoganand Shrivastava
Bharat Tiwari Encounter Case भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने घोषणा की है कि न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है और पीड़ित परिवार को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
Bharat Tiwari Encounter Case क्या है पूरा मामला?
यह मामला भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौती गांव से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 17 जून को भरत तिवारी को गिरफ्तार करने पहुंची टीम पर उसने कथित रूप से फायरिंग की थी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई।

वहीं, भरत तिवारी के परिजनों का आरोप है कि उसने पहले ही आत्मसमर्पण कर दिया था और हथियार भी छोड़ दिया था, इसके बावजूद उस पर गोली चलाई गई। इसी आरोप के बाद मामला विवादों में आया और न्यायिक जांच के आदेश दिए गए।
Bharat Tiwari Encounter Case पुलिस अधिकारियों पर दर्ज हुई FIR
मामले की जांच के दौरान भरत तिवारी की मां की शिकायत पर कई पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें तत्कालीन एसडीपीओ, शाहपुर थाना प्रभारी और अन्य संबंधित पुलिसकर्मी शामिल हैं।

जांच के क्रम में एक एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। उस पर आरोप है कि उसने कथित मुठभेड़ के दौरान भरत तिवारी पर गोली चलाई थी। मामले की न्यायिक जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
Bharat Tiwari Encounter Case जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई
सरकार का कहना है कि न्यायिक जांच की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की घोषणा को परिवार के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।



