BY
Yoganand Shrivastava
Krishna Shah Vidyarthi Jagadguru नई दिल्ली स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के जगद्गुरु परम पूज्य स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि जी महाराज ने जगद्गुरु श्री कृष्ण शाह विद्यार्थी जी महाराज को जूना अखाड़े का जगद्गुरु बनाए जाने पर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक संत का नहीं, बल्कि समस्त वाल्मीकि समाज के गौरव, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है।
Krishna Shah Vidyarthi Jagadguru भगवान वाल्मीकि आश्रम में हुआ सम्मान समारोह
मंदिर मार्ग स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम पहुंचकर स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि जी महाराज ने भगवान महर्षि वाल्मीकि के मंदिर में दर्शन एवं पूजन-अर्चन किया। इसके बाद उन्होंने जगद्गुरु श्री कृष्ण शाह विद्यार्थी जी महाराज को शॉल ओढ़ाकर, पुष्पमाला पहनाकर तथा भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया और शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े में उनका स्वागत संत समाज और सनातन परंपरा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Krishna Shah Vidyarthi Jagadguru श्रीमहंत हरि गिरि के नेतृत्व की सराहना
अपने संबोधन में स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि जी महाराज ने जूना अखाड़े के संरक्षक परम पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज की प्रशंसा करते हुए उन्हें त्याग, तपस्या और सनातन धर्म के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि श्रीमहंत हरि गिरि जी के मार्गदर्शन में जूना अखाड़ा धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के कार्यों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है। जगद्गुरु श्री कृष्ण शाह विद्यार्थी जी को यह दायित्व सौंपना उनके दूरदर्शी चिंतन और सामाजिक समरसता की भावना का उदाहरण है।
Krishna Shah Vidyarthi Jagadguru अर्धकुंभ में ऐतिहासिक निर्णयों की जताई उम्मीद
स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि जी महाराज ने कहा कि भगवान वाल्मीकि की कृपा से आश्रम को जूना अखाड़े से जुड़े दो-दो जगद्गुरुओं का सान्निध्य प्राप्त हुआ है, जो पूरे सनातन समाज के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी हरिद्वार अर्धकुंभ श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज के नेतृत्व में कई ऐतिहासिक धार्मिक निर्णयों और आयोजनों का साक्षी बनेगा, जिससे संत समाज, वाल्मीकि समाज और व्यापक सनातन समाज को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज, जूना अखाड़े के सचिव स्वामी आनंदेश्वर जी महाराज सहित बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में जगद्गुरु श्री कृष्ण शाह विद्यार्थी जी महाराज ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस आध्यात्मिक दायित्व का निर्वहन पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे।



