Report: Alok Bhardwaj
Illegal Colonization on Government Land मध्य प्रदेश के भिंड जिले में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कॉलोनाइजेशन का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित कर प्लॉटों की बिक्री की गई, जबकि इस पूरे मामले में राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

Illegal Colonization on Government Land कलेक्टर से की शिकायत, सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप
शिकायतकर्ता आदित्य पुरोहित ने भिंड कलेक्टर को दिए गए आवेदन में बताया है कि अटेर तहसील के परा मौजा स्थित वर्तमान सर्वे क्रमांक 2448, 2454, 2455 और 2456, जो पूर्व में सर्वे क्रमांक 3449, 3504 और 3505 के रूप में दर्ज थे, शासकीय भूमि हैं। आरोप है कि इन जमीनों पर अवैध रूप से कॉलोनाइजेशन कर प्लॉट विकसित किए गए और उनकी बिक्री भी की गई।

शिकायतकर्ता का दावा है कि यह पूरा कार्य नियमों के विपरीत किया गया है।
Illegal Colonization on Government Land राजस्व विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप
आवेदन में राजस्व विभाग के तत्कालीन अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, तत्कालीन नायब तहसीलदार सुरपुरा और तत्कालीन तहसीलदार अटेर की कथित सहभागिता के कारण शासकीय भूमि की वास्तविक स्थिति छिपाई गई और निजी कॉलोनाइजरों को लाभ पहुंचाया गया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला प्रशासनिक लापरवाही के साथ-साथ गंभीर अनियमितता और जालसाजी की श्रेणी में आ सकता है।
Illegal Colonization on Government Land दोषियों पर कार्रवाई और एफआईआर की मांग
शिकायतकर्ता ने भिंड कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आरोपों की सत्यता को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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