Rakhi Verma Executive Editor
NEET Paper Leak : देश में नीट मामले को लेकर संसद से सड़क तक संग्राम जारी है, लगतार बढ़ते विरोध के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई 2026 को पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान किया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीएम के बयान से उम्मीद है कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए एक त्वरित कार्रवाई होगी और छात्रों की नाराजगी को दूर किया जायेगा लेकिन क्या पीएम के इस एलान के बाद मान जायेंगे ? छात्रों की मांग और सरकार के बीच क्या तालमेल बन पायेगा ? और विपक्ष जो इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रहा है, aaj संसद में मकर द्वार पर भी nda और इंडिया ब्लाक आमने सामने आ गए क्या ये तकरार ख़तम हो जाएगी ?

NEET Paper Leak : संसद की कार्रवाई ठप्प, मकर द्वार पर सत्ता पक्ष-विपक्ष
एक तरफ देश के छात्रों में गुस्सा अपार है, तो वहीँ सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर तकरार भी, इधर बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए NDMC के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की ओर से टेलीफोन पर दी गई सलाह के बाद यह निर्देश जारी किया गया है…कि कनॉट प्लेस के आसपास की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी दुकानें और प्रतिष्ठान, जिनमें कार्यालय और रेस्टोरेंट भी शामिल हैं, 23 जुलाई को शाम 6.30 बजे तक बंद कर दिए जाएं… व्यापारियों से कहा गया है कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने और संपत्ति के नुकसान या किसी व्यक्ति के घायल होने की आशंका को रोकने के लिए इन निर्देशों का पालन किया जाए।
NEET Paper Leak : पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, पेपर लीक की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई
इधर छात्रों के विषय को गंभीरता से लेते हुए पीएम मोदी ने पेपर लीक के मामलों में सख्ती दिखाते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया है. इसका मकसद दोषियों को जल्दी और कड़ी सजा दिलाना है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस पर तुरंत काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं. पीएम मोदी ने कहा कि देश के युवाओं का हित और भविष्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और यह फैसला छात्रों के हित में उठाए जा रहे कदमों की एक कड़ी है….हालाँकि पीएम के ट्वीट के बाद भी विपक्ष ने पलटवार करते हुए जमकर निशाना साधा |
NEET Paper Leak : पीएम के ट्वीट के बाद क्या सुलझेगा मसला, छात्रों का आंदोलन,क्या व्यापारी करेंगे दुकाने बंद ?
इधर संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को संसद भवन के बाहर NDA और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। तो NDA के सांसद भी विरोध प्रदर्शन में उतर गए। NDA सांसद पीएम आवास के बाहर 21 जुलाई को राहुल के धरने का विरोध कर रहे हैं। वहीं इंडिया ब्लॉक नीट पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
इस पूरे मामले के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में कहा- सरकार लोकसभा और राज्यसभा में NEET पेपर लीक पर विपक्ष जिस तरीके से, जिस तारीख को और जितनी देर चाहे, चर्चा के लिए तैयार है।
अब एक तरफ जब सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहते है तो बात क्यों नहीं बन पा रही है ? फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में कार्रवाई की बात कर पीएम ने देश के युवाओं और छत्रों के भविष्य की चिंता जताकर ऐसे में मामलों पर सख्ती की बात की है….तो क्या छात्रों का ये आन्दोलन समाप्त होगा ? और यदि नहीं तो आने वाले समय में इसका स्वरुप कितना विशाल होगा और इसके क्या परिणाम होंगे ये देखने वाली बात होगी|





