Report: Farhan khan
Agra Cantt RPF Deputy SS Fight Action आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (ऑपरेटिंग) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों के बीच ऑन-ड्यूटी हुई हिंसक झड़प के मामले को रेलवे प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। ‘स्वदेश न्यूज़’ द्वारा इस खबर को प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद हरकत में आए रेलवे प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से प्राथमिक कार्रवाई करते हुए 5 आरपीएफ कर्मियों को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय संयुक्त जांच समिति (Inquiry Committee) गठित कर दी गई है।
Agra Cantt RPF Deputy SS Fight Action हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव के दौरान हुआ था हाई-वोल्टेज ड्रामा
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद आगरा कैंट स्टेशन पर हीराकुंड एक्सप्रेस (Heerakund Express) के ठहराव के दौरान शुरू हुआ था। एक घायल यात्री को प्राथमिक चिकित्सा देने और उसके लिए ट्रेन को कुछ देर रोकने के फैसले पर आरपीएफ कर्मियों और डिप्टी एसएस के बीच तीखी बहस हो गई थी। देखते ही देखते यह विवाद गाली-गलौज और सरेआम मारपीट में बदल गया था। स्टेशन जैसे सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान पर दो जिम्मेदार विभागों के कर्मियों के बीच हुई इस हाथापाई से रेल महकमे की छवि धूमिल हुई थी।

Agra Cantt RPF Deputy SS Fight Action ‘स्वदेश न्यूज़’ की खबर का बड़ा असर, सस्पेंशन के बाद महकमे में खलबली
इस शर्मनाक घटना का वीडियो और खबर ‘स्वदेश न्यूज़’ पर प्रमुखता से प्रसारित होने के बाद रेल मंत्रालय और उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के उच्च अधिकारी अलर्ट मोड पर आ गए। प्रशासनिक अनुशासन को बनाए रखने के लिए त्वरित कदम उठाते हुए प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए मुख्य आरोपी जवान जितेंद्र सहित कुल 5 आरपीएफ स्टाफ को सस्पेंशन लेटर थमा दिया गया है। इस कड़े एक्शन के बाद से आगरा रेल मंडल के सुरक्षा विभाग और स्टेशन स्टाफ में खलबली मची हुई है।
Agra Cantt RPF Deputy SS Fight Action तीन सदस्यीय विंग करेगी मामले की जांच, रिपोर्ट के बाद होगी बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई
रेलवे प्रशासन ने मामले की गहराई से तफ्तीश करने और दोनों पक्षों के बयानों को दर्ज करने के लिए 3 सदस्यीय जांच समिति को जिम्मेदारी सौंपी है। इस उच्चस्तरीय कमेटी में निम्नलिखित तीन विभागों के प्रमुख अधिकारियों को शामिल किया गया है:
- ASC (असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर – आरपीएफ विंग)
- स्टेशन डायरेक्टर (आगरा कैंट प्रशासनिक विंग)
- AOM (असिस्टेंट ऑपरेटिंग मैनेजर – ऑपरेटिंग विंग)
यह संयुक्त समिति प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने के साथ-साथ प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों और ऑन-ड्यूटी कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस तीन सदस्यीय कमेटी की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद, दोषी कर्मियों के खिलाफ रेलवे नियमों (Railway Service Rules) के तहत नौकरी से बर्खास्तगी या अन्य कड़ी दंडात्मक विधिक कार्रवाई की जाएगी।





