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Donald Trump NATO Summit Ceasefire Deal: महायुद्ध की आहट: ‘सीजफायर खत्म, ईरान से बात करना समय की बर्बादी’— नाटो समिट में गरजे डोनाल्ड ट्रंप; ईरान ने दी अंजाम भुगतने की खुली धमकी

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Donald Trump NATO Summit Ceasefire Deal

Donald Trump NATO Summit Ceasefire Deal विश्व राजनीति के मंच से एक बेहद परेशान करने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से सीधे सैन्य टकराव और युद्ध छिड़ने की आशंका गहरा गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरानी जहाजों पर हुए हमलों के बाद दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता पूरी तरह पटरी से उतर गई है। तुर्की में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़े शब्दों में घोषणा कर दी है कि ईरान के साथ सीजफायर समझौता अब पूरी तरह ‘खत्म’ हो चुका है। इसके जवाब में ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए अमेरिका का साथ देने वाले किसी भी देश को मटियामेट करने की खुली चेतावनी दे डाली है।

Donald Trump NATO Summit Ceasefire Deal ‘वे झूठे और सनकी हैं’— नाटो समिट में ट्रंप का बड़ा बयान, समझौते से पीछे हटा अमेरिका

तुर्की में वैश्विक नेताओं के बीच बोलते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रति अपनी रणनीति साफ कर दी। ट्रंप ने कहा, “ईरान के साथ किसी भी तरह की सीजफायर डील अब इतिहास की बात हो चुकी है। मैं अब उनके साथ कोई बातचीत या समझौता नहीं करना चाहता। वे भरोसे के लायक नहीं हैं और यदि उनके हाथ परमाणु हथियार लग गए, तो यह पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी होगा। मेरी नजर में ईरान के साथ कूटनीतिक टेबल पर बैठना सिर्फ समय की बर्बादी है।” ट्रंप के इस कड़े रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया (Mid-East) में सैन्य तनाव चरम पर पहुंच सकता है।

Donald Trump NATO Summit Ceasefire Deal ‘मदद करने वाले देशों को बनाएंगे वैध निशाना’— ईरान के सैन्य मुख्यालय की दोटूक चेतावनी

Donald Trump NATO Summit Ceasefire Deal अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के तुरंत बाद ईरान के ‘ख़ातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ (सैन्य कमान इकाई) ने एक बेहद आक्रामक और रणनीतिक चेतावनी जारी की है। अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी के माध्यम से जारी बयान में ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिकी सेना ईरानी संप्रभुता या उसकी सीमाओं के खिलाफ कोई आक्रामक कार्रवाई करती है, और दुनिया का कोई भी देश अपनी जमीन, हवाई क्षेत्र या खुफिया तंत्र से अमेरिका की मदद करता है, तो ईरान की सेना उस मददगार देश और उसके अड्डों को अपना ‘वैध सैन्य निशाना’ (Legitimate Target) मानेगी और उस देश को इसके बेहद गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

Donald Trump NATO Summit Ceasefire Deal खुजेस्तान में अमेरिकी हवाई हमले से तबाही, ईरान ने कहा— ‘होर्मुज पर हमारे नियंत्रण को स्वीकार करे वाशिंगटन’

इस बीच, ईरान के भीतर अमेरिकी लड़ाकू विमानों द्वारा की गई बमबारी से जमीनी हालात और बिगड़ गए हैं। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, रात भर हुए अमेरिकी हवाई हमलों में दक्षिण-पश्चिमी प्रांत खुज़ेस्तान के माहशहर, इमाम खुमैनी पोर्ट और हमिदिया शहरों को निशाना बनाया गया, जिसमें व्यापक नुकसान के साथ कुछ नागरिक हताहत हुए हैं। इस हमले के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ‘करारा जवाब’ देने की बात कही है। वहीं, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने साफ कहा है कि वाशिंगटन के पास अब और कोई रास्ता नहीं बचा है, उसे हर हाल में होर्मुज जलमार्ग में ईरान की नई और मजबूत व्यवस्था व संप्रभुता को मान्यता देनी ही होगी।

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