रिपोर्टर: शैलेंद्र पारे
Ratlam MLA Kamleshwar Dodiyar FIR मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से इस वक्त की एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। यहाँ कलेक्टर कार्यालय पर बिना प्रशासनिक अनुमति के उग्र धरना-प्रदर्शन करने के मामले में सैलाना सीट से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक कमलेश्वर डोडियार और उनके प्रमुख समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने शासकीय आदेशों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन की रिपोर्ट पर पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है।

Ratlam MLA Kamleshwar Dodiyar FIR कलेक्टर कार्यालय पर बिना अनुमति दिया धरना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत आदिवासी पार्टी (BAP) की अगुवाई में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार अपने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ रतलाम कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे।

- नियमों का उल्लंघन: प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर और उसके आसपास बिना किसी पूर्व प्रशासनिक अनुमति के धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
- अव्यवस्था की स्थिति: बिना अनुमति के हुए इस मजमे के कारण कलेक्ट्रेट की सुरक्षा और सामान्य प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ, जिसे जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया।
Ratlam MLA Kamleshwar Dodiyar FIR विधायक सहित 4 नेताओं पर नामजद FIR, वीडियो फुटेज से अन्य की पहचान जारी
इस मामले में पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसते हुए क्षेत्र के प्रमुख आदिवासी नेताओं को आरोपी बनाया है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में चार लोगों को नामजद किया गया है:
- कमलेश्वर डोडियार (विधायक, सैलाना)
- केशु निनामा (जिला पंचायत उपाध्यक्ष)
- शरद डोडिया (जिला पंचायत सदस्य)
- दिनेश माल (आदिवासी छात्र संगठन के नेता)
पहचान प्रक्रिया जारी: नामजद आरोपियों के अलावा, प्रदर्शन में शामिल अन्य उपद्रवियों और कार्यकर्ताओं की धरपकड़ के लिए पुलिस कलेक्ट्रेट परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) और मीडिया वीडियो फुटेज को खंगाल रही है। साक्ष्यों के आधार पर अन्य लोगों के नाम भी मुकदमे में जोड़े जाएंगे।
Ratlam MLA Kamleshwar Dodiyar FIR धारा 188 के तहत मामला दर्ज: एएसपी ने दी जानकारी
रतलाम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) विवेक कुमार लाल ने मामले की वैधानिक पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है:
- तहसील न्यायालय का पत्र: एएसपी के मुताबिक, तहसील न्यायालय से एक आधिकारिक पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि उक्त संगठन और विधायक द्वारा धरना-प्रदर्शन के लिए कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी।
- कानूनी धारा: प्रशासनिक और निषेधाज्ञा आदेशों (धारा 144 आदि) का खुला उल्लंघन पाए जाने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188 (सरकारी लोक सेवक द्वारा दिए गए आदेश की अवहेलना करना) के तहत प्रकरण पंजीकृत कर लिया है।





