BY
Yoganand Shrivastava
Meta Tech Layoffs AI Crisis मैटरनिटी लीव पर अनिश्चितता का साया: नई मां के लिए ‘मई’ का महीना बना मानसिक अग्निपरीक्षा
Meta Tech Layoffs AI Crisis अमेरिका के बे एरिया (Silicon Valley) में काम करने वाली एक डेटा साइंस प्रोफेशनल मीरा (बदला हुआ नाम) के लिए मां बनने की खुशियां कॉर्पोरेट अनिश्चितता के साए में ढल गईं। अप्रैल और मई के शुरुआती हफ्ते उनके लिए भारी मानसिक तनाव लेकर आए। उन्हें डर था कि यदि मेटा (Meta) से उनकी छुट्टी हुई, तो मातृत्व का आनंद लेने और खुद के स्वास्थ्य में सुधार करने की बजाय उन्हें नवजात बच्चे के साथ नई नौकरी ढूंढनी पड़ेगी या फिर वापस भारत लौटना पड़ेगा। हालांकि, 20 मई को आए डिजिटल ईमेल ने उनकी नौकरी तो बचा ली और उन्हें H-1B वीजा के 60 दिनों वाले देश छोड़ने के अल्टीमेटम (Dead End) से भी सुरक्षित रखा, लेकिन इस सुरक्षा की एक भारी कीमत उन्हें चुकानी पड़ी।

Meta Tech Layoffs AI Crisis टीम गायब और पद समाप्त: मेटा के नए सांगठनिक ढांचे का शिकार बनीं मीरा
मीरा की नौकरी भले ही सुरक्षित रही, लेकिन उनकी नौ लोगों की पूरी टीम को नौकरी से निकाल दिया गया। इसके साथ ही मीरा का ‘मैनेजर’ का पद भी समाप्त हो गया। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग के नए ‘फ्लैटर ऑर्गेनाइजेशनल मॉडल’ (Flatter Organizational Model) के तहत अब कंपनी मिड-लेवल मैनेजर्स के पदों को कम कर रही है, ताकि कम प्रबंधन के साथ सीधे तकनीकी आउटपुट बढ़ाया जा सके। इसके परिणामस्वरूप, मीरा को एक ‘इंडिविजुअल कंट्रीब्यूटर’ (व्यक्तिगत कार्यकर्ता) की श्रेणी में डाल दिया गया है। जब वे अपनी मैटरनिटी लीव के बाद काम पर लौटेंगी, तो उनके पास न तो पुरानी टीम होगी और न ही पुराना पद; उनकी नई भूमिकाओं को बदलते बाजार के हिसाब से दोबारा तय किया जा रहा है।

Meta Tech Layoffs AI Crisis एआई का बहाना या ओवरहायरिंग की भूल? टेक सेक्टर में छंटनी पर तीखी बहस

मेटा में नौकरियों की यह कटौती महामारी के दौरान जरूरत से ज्यादा नियुक्तियां करने (Overhiring) और अब एआई (AI) को अपनाने की जिद का नतीजा है। पिछले तीन वर्षों में मेटा का छंटनी का आंकड़ा 11,000 से बढ़कर 30,000 के पार पहुंच चुका है। अमेरिकी नियोक्ताओं ने अकेले मई 2026 में 97,000 से अधिक नौकरियां खत्म की हैं, जिसके लिए एआई को बड़ा कारण बताया जा रहा है। हालाँकि, एनवीडिया (Nvidia) के सीईओ जेन्सन हुआंग जैसे तकनीकी दिग्गज छंटनी के लिए एआई को दोष देने वाले प्रमुखों को “आलसी” बताते हैं। मीरा का खुद का अनुभव भी यही कहता है कि वर्तमान में एआई काम छीन नहीं रहा है, बल्कि प्रति व्यक्ति काम का दबाव बढ़ा रहा है। इस पूरे अनुभव ने मीरा की प्राथमिकताओं को बदल दिया है; उन्होंने छुट्टी के दौरान खुद को अपस्किल करने की होड़ में शामिल होने के बजाय अपने परिवार और बच्चे को पहला वक्त देने का फैसला किया है।





