UP Data Center Policy 2026 : शीघ्र आएगी प्रदेश की नई डेटा सेंटर नीति, पहले से अधिक आकर्षक, प्रतिस्पर्धी और निवेशक अनुकूल होगी नई नीति
UP Data Center Policy 2026 : उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा डिजिटल और तकनीकी हब बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वर्ष 2030 तक राज्य में 2 गीगावाट (2,000 मेगावाट) से अधिक की अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने की दिशा में ठोस काम किया जाए।रविवार को उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2021 की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम योगी ने कहा कि डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर ही भविष्य की अर्थव्यवस्था के असली आधार हैं। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार जल्द ही अपनी नई, अधिक आकर्षक और निवेशक-अनुकूल डेटा सेंटर नीति लेकर आ रही है।

UP Data Center Policy 2026 : ₹21,342 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत, 644 MW पर काम जारी
बैठक में प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स ने बताया कि प्रदेश में डेटा सेंटर नीति-2021 के तहत अब तक 21,342.90 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है। उत्तर प्रदेश ने 2026 तक देश की कुल डेटा सेंटर क्षमता में 8 से 9 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का अनुमान लगाया है। वर्तमान में राज्य में 6 डेटा सेंटर पार्क और 2 डेटा सेंटर इकाइयां चालू हैं, जबकि 644 मेगावाट क्षमता पर काम तेजी से चल रहा है।
UP Data Center Policy 2026 : AI आधारित कंप्यूटिंग और ग्रीन डेटा सेंटर को विशेष रियायतें
तकनीकी बदलावों को देखते हुए नई नीति में भविष्य की जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है :
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) : उन्नत AI कंप्यूटिंग रिसोर्स स्थापित करने वाले डेटा सेंटर पार्कों को अतिरिक्त वित्तीय और ढांचागत सुविधाएं मिलेंगी।
ग्रीन डेटा सेंटर : पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा दक्ष (Energy Efficient) ग्रीन डेटा सेंटर बनाने वाली इकाइयों को सरकार की तरफ से विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
एकमुश्त रियायतें : नई नीति में स्टाम्प शुल्क, बिजली बिल, ट्रांसमिशन और व्हीलिंग चार्ज में पहले से अधिक छूट देने की तैयारी है।
UP Data Center Policy 2026 : बड़े ग्लोबल इन्वेस्टर्स की पसंद बना उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में इस समय देश और दुनिया की दिग्गज कंपनियां निवेश कर रही हैं। वर्तमान में हीरा नंदानी समूह, एनटीटी ग्लोबल डेटा सेंटर्स, अडानी समूह, एसटी टेलीमीडिया, वेब वर्क्स और सिफी जैसी प्रमुख कंपनियों की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसके अलावा, विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने यूपी में 5,410 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर विकसित करने में रुचि दिखाई है, जिससे आने वाले समय में राज्य में लगभग ₹4.90 लाख करोड़ का संभावित निवेश आने की उम्मीद है। इन नए प्रस्तावों में एएम ग्रीन, ट्राइफैक्टा कॉनेक्स, एस्सार, ग्रू एनर्जी, गोल्डन स्टेट कैपिटल और सीटीआरएल-एस जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
UP Data Center Policy 2026 : सिर्फ नोएडा नहीं, अब पूरे यूपी में बहेगी डिजिटल निवेश की बयार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि डेटा सेंटर के विकास को केवल दिल्ली-एनसीआर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा) तक ही सीमित न रखा जाए। डिजिटल निवेश और रोजगार के अवसरों को राज्य के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए नए शहरों को चिन्हित किया जा रहा है। अब नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के साथ-साथ लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और सीतापुर जैसे शहरों में भी डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को हाई-टेक सेक्टर्स में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।





