रिपोर्ट:-अबरार अहमद
Saharanpur Two Headed Snake Fraud Gang सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अभिनंदन सिंह के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत थाना कुतुबशेर पुलिस को एक बहुत बड़ी और अनोखी सफलता हाथ लगी है। थाना प्रभारी (SHO) संतोष कुमार त्यागी के कुशल नेतृत्व में उपनिरीक्षक (SI) भूपेश शर्मा और उनकी टीम ने दुर्लभ प्रजाति के दोमुंहे सांप (रेड सैंड बोआ) के नाम पर लोगों को करोड़ों रुपये का लालच देकर ठगी का धंधा चलाने वाले एक बेहद शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से दो जीवित सांप, लाखों की नकदी और एक लग्जरी ऑडी कार सहित ठगी में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में फर्जी सामान बरामद किया है।
Saharanpur Two Headed Snake Fraud Gang मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, सूझबूझ से धरा गया जालसाज
मिली जानकारी के अनुसार, थाना कुतुबशेर पुलिस को क्षेत्र में वन्यजीव तस्करी और भारी रकम की धोखाधड़ी से जुड़ा इनपुट मिला था। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष कुमार त्यागी ने बिना वक्त गंवाए उपनिरीक्षक भूपेश शर्मा के साथ एक त्वरित रणनीति तैयार की। मुखबिर के सटीक इशारे पर पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए शातिर अभियुक्त को रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी की पहचान और उसके सिंडिकेट के नेटवर्क को लेकर पुलिस लगातार कड़ियां जोड़ रही है।
Saharanpur Two Headed Snake Fraud Gang ऑडी कार, नोट गिनने की मशीन और नकली नोटों का जखीरा बरामद
पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए ठग के कब्जे से जो सामान बरामद हुआ है, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
- वन्यजीव: 2 दुर्लभ दोमुंहे सांप (रेड सैंड बोआ)।
- भारतीय मुद्रा: ₹4,94,000 (चार लाख चौरानवे हजार रुपये) की वैध नकदी।
- भ्रम फैलाने का सामान: 127 गड्डी बच्चों के खेलने वाले (मनोरंजन) नोट और 145 गड्डी नोट के आकार के सफेद कागज।
- अन्य उपकरण: 1 अत्याधुनिक नोट गिनने की मशीन और 1 लग्जरी ऑडी क्यू-3 (Audi Q3) कार।
- फर्जी दस्तावेज: 2 जाली आधार कार्ड (पहचान छुपाने के लिए बनाए गए)।
Saharanpur Two Headed Snake Fraud Gang समझिए कैसे चलता था ‘ब्लैक मैजिक और करोड़ों की ठगी’ का यह खेल
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए इस गिरोह के काम करने के अनोखे तौर-तरीकों का खुलासा किया है। आरोपी ने बताया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अमीर और अंधविश्वासी लोगों को निशाना बनाता था। वे लोगों को झांसा देते थे कि इस दुर्लभ दोमुंहे सांप में तांत्रिक शक्तियां हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करोड़ों रुपये है, जिससे रातोंरात किस्मत बदली जा सकती है।
पीड़ितों पर अपनी अमीरी का रौब झाड़ने और सौदे को असली दिखाने के लिए वे ऑडी जैसी लग्जरी कारों का इस्तेमाल करते थे। इसके अलावा, बैग में असली नोटों के ऊपर-नीचे कुछ पैसे लगाकर बीच में मनोरंजन बैंक के नकली नोटों और सफेद कागजों की गड्डियां भर देते थे, ताकि सामने वाले को करोड़ों रुपये का भ्रम हो जाए। जैसे ही पीड़ित इनके जाल में फंसकर एडवांस रकम देता था, यह गिरोह सांप और पैसे लेकर रफूचक्कर हो जाता था।
Saharanpur Two Headed Snake Fraud Gang कुतुबशेर पुलिस की मुस्तैदी की हर तरफ सराहना
इस हाई-प्रोफाइल और पेचीदा मामले के खुलासे में थाना प्रभारी संतोष कुमार त्यागी की त्वरित निर्णय क्षमता और उपनिरीक्षक भूपेश शर्मा की मैदानी सतर्कता बेहद निर्णायक साबित हुई। पुलिस की इस प्रभावी और समय रहते की गई कार्रवाई ने न केवल एक अंतरराज्यीय ठगी गिरोह की कमर तोड़ दी है, बल्कि क्षेत्र के कई भोले-भाले नागरिकों को करोड़ों रुपये की वित्तीय चपत लगने से भी बचा लिया है। एसएसपी ने पूरी टीम की पीठ थपथपाई है, वहीं इस कार्रवाई से स्थानीय जनता में खाकी के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।





