Munger Rishikund Malmas Mela मुंगेर का ऋषिकुंड बना ‘ग्लोबल रूरल टूरिज्म’ का हब: मलमास मेले में उमड़ा 5 लाख श्रद्धालुओं का जनसैलाब, देसी स्वाद और प्रकृति का अनूठा संगम

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
Munger Rishikund Malmas Mela

Report: Athar khan

Munger Rishikund Malmas Mela बिहार के मुंगेर जिले के तपोवन की सुरम्य पहाड़ियों के बीच स्थित ऐतिहासिक ‘ऋषिकुंड’ में इन दिनों आस्था, प्रकृति और लोक संस्कृति का एक अद्भुत महोत्सव देखने को मिल रहा है। हर तीन साल में एक बार लगने वाला पारंपरिक ‘मलमास मेला’ इस वर्ष महज एक धार्मिक आयोजन न रहकर “ग्रामीण पर्यटन (Rural Tourism) और क्षेत्रीय लोक संस्कृति” का एक विशाल जीवंत मंच बन चुका है। गर्म जलकुंडों की भाप, हरी-भरी वादियों का सौंदर्य, पारंपरिक झूलों की खनक और बिहार के पारंपरिक देसी व्यंजनों की सौंधी खुशबू के बीच अब तक रिकॉर्ड 5 लाख से अधिक श्रद्धालु ऋषिकुंड पहुंच चुके हैं। पूजा-पाठ के साथ-साथ लोग यहां के प्राकृतिक सौंदर्य और मेले के पारंपरिक मनोरंजन का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं।

Munger Rishikund Malmas Mela गर्म जलकुंड में स्नान और रामायण कालीन आस्था का केंद्र

Munger Rishikund Malmas Mela तपोवन की वादियों में बसे ऋषिकुंड में सुबह की पहली किरण से लेकर देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहता है। यहां आने वाले श्रद्धालु सबसे पहले ऋषिकुंड के मुख्य गर्म जलस्रोत (Hot Springs) में पवित्र स्नान करते हैं और फिर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

मनोज सिंह, संयोजक, ऋषिकुंड विकास मंच

ऋषिकुंड विकास मंच के संयोजक मनोज सिंह ने मेले के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस पवित्र स्थल की मान्यता और पौराणिक इतिहास सीधे रामायण काल से जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि मुंगेर का यह अंचल अब धीरे-धीरे संपूर्ण बिहार और पूर्वी भारत के एक बड़े और प्रतिष्ठित धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है।

Munger Rishikund Malmas Mela लिट्टी-चोखा और खाजा का ‘देसी स्वाद’ बना मुख्य आकर्षण

इस बार के मलमास मेले की जो बात सबसे ज्यादा चर्चा में है, वह है यहां का ठेठ बिहारी और पारंपरिक स्वाद। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का मानना है कि ऋषिकुंड के प्राकृतिक गर्म जल का उपयोग कर बनाए जाने वाले पकवानों और भोजन का स्वाद अत्यंत अनूठा और पाचक होता है, जो कहीं और नहीं मिल सकता। मेले के मैदान में सजे मिट्टी के चूल्हों पर सिंकते लिट्टी-चोखा, गरमा-गरम जलेबी, बिहार का प्रसिद्ध खाजा, कुरकुरी पकौड़ियां और पारंपरिक देसी मिठाइयों के स्टॉल्स पर सुबह से रात तक पेटूबाजों और खाने-पीने के शौकीनों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

Munger Rishikund Malmas Mela कई जिलों और पड़ोसी राज्यों से पहुंच रहे पर्यटक; सुरक्षा के कड़े इंतजाम

ऋषिकुंड मेले की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां केवल मुंगेर ही नहीं, बल्कि भागलपुर, खगड़िया, पटना, पूर्णिया, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर सहित बिहार के दर्जनों जिलों और पड़ोसी राज्यों (झारखंड, पश्चिम बंगाल) से भी लगातार सैलानी और श्रद्धालु गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंच रहे हैं।

अचानक बढ़ी इस भारी भीड़ और वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और मेला प्रबंधन समिति द्वारा व्यापक स्तर पर पार्किंग जोन, सुव्यवस्थित वाहन स्टैंड और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही, स्थानीय युवाओं और वॉलंटियर्स की टोलियां भी चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहकर बुजुर्गों और महिलाओं की सहायता कर रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, मेला अभी अपने पूरे शबाब पर है और आने वाले दिनों में पर्यटकों का यह आंकड़ा और भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

Read this: Delhi Malviya Nagar Hotel Fire Case: 21 मौतों के गुनहगार शेफ का बड़ा खुलासा, इलेक्ट्रिक स्टोव में ब्लास्ट के बाद बेकाबू हुई थी आग; पुलिस ने किया गिरफ्तार

Salim Kumar Funeral : पारावुर स्थित आवास पर होगा सलीम कुमार का अंतिम संस्कार, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

Salim Kumar Funeral : कोच्चि/पारावुर। मलयालम सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता और राष्ट्रीय

India vs Afghanistan Test : भारत की मजबूत बढ़त जारी, सलीम ने झटके अहम विकेट; पंत शतक से चूके

India vs Afghanistan Test : न्यू चंडीगढ़, 7 जून: अफगानिस्तान के खिलाफ

MP Top 10: विकास और जनकल्याण पर फोकस

शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाओं पर जोर

TOP 10: छत्तीसगढ़ की प्रमुख 10 खबरें

1. TOP 10: राज्य में मानसून की जोरदार बारिश TOP 10: छत्तीसगढ़

Horoscope: जानें आज का राशिफल

Horoscope: वैदिक पंचांग के अनुसार 8 जून 2026, रविवार को ज्येष्ठ मास