Report: Ratan kumar
Jamtara (झारखंड): देश भर में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के लिए कुख्यात जामताड़ा जिले में पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक और बड़ी और सफल कार्रवाई की है। पुलिस की अलग-अलग विशेष टीमों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर पांच शातिर साइबर ठगों को धर दबोचा है। पकड़े गए अपराधियों के पास से भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण और नकदी बरामद की गई है। यह गिरोह बैंक अधिकारी और बिजली विभाग के कर्मचारी बनकर देश भर के भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाता था।
Jamtara गुप्त सूचना पर बनी स्पेशल टीम, करमाटांड़ और नारायणपुर में छापेमारी
जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक (SP) शंभू कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गुप्त इनपुट के आधार पर साइबर अपराध थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इस टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम मट्टाँड में दबिश देकर दो अपराधियों को उस समय रंगेहाथ पकड़ा जब वे ठगी को अंजाम दे रहे थे। इसके बाद सियाटांड़ और झिलुवा जंगल के इलाकों से घेराबंदी कर एक और आरोपी को दबोचा गया। वहीं, दूसरी समानांतर कार्रवाई नारायणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लोकनियाँ में की गई, जहां से दो अन्य साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया।
Jamtara पकड़े गए आरोपियों की प्रोफाइल
पुलिस की गिरफ्त में आए साइबर अपराधियों का विवरण इस प्रकार है:
- विष्णु मंडल (19 वर्ष), निवासी- मट्टाँड, करमाटांड़
- सचिन मंडल (19 वर्ष), निवासी- काशीटाँड़, करमाटांड़
- सागर नायक (27 वर्ष), निवासी- बाँसपहाड़ी (पूर्व में भी साइबर केस में चार्जशीटेड)
- किशोर दास (23 वर्ष), निवासी- लोकनियाँ, नारायणपुर (पुराना साइबर अपराधी)
- विश्वजीत दास (25 वर्ष), मूल निवासी- दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल), वर्तमान पता- लोकनियाँ, नारायणपुर
Jamtara मोबाइल, सिम कार्ड और लैपटॉप सहित कई गैजेट्स बरामद
ठगों के ठिकानों से पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल होने वाले निम्नलिखित डिजिटल उपकरण और नकदी जब्त की है:
- 15 एक्टिव मोबाइल फोन
- 14 फर्जी सिम कार्ड
- 4 अलग-अलग बैंकों के एटीएम (ATM) कार्ड
- 2 आधुनिक लैपटॉप
- 50,000 रुपये की नकद राशि
Jamtara ठगी का तरीका: बिजली काटने की धमकी और बंद एटीएम का डर
पुलिस जांच के अनुसार, इस सिंडिकेट के काम करने का तरीका बेहद शातिराना था। ये लोग आम जनता को रैंडम कॉल करते थे। पहले तरीके में ये खुद को नामी बैंकों के नोडल अधिकारी बताते थे और क्रेडिट/डेबिट कार्ड ब्लॉक होने का डर दिखाकर लोगों से ओटीपी (OTP) और गोपनीय पासवर्ड हासिल कर लेते थे। इसके बाद ‘PhonePe’ और ‘Google Pay’ के माध्यम से पलक झपकते ही खाते साफ कर देते थे।
दूसरे तरीके में ये बिजली विभाग के कर्मचारी बनते थे और उपभोक्ताओं को मैसेज या कॉल कर डराते थे कि पिछले महीने का बिल जमा न होने के कारण आज रात उनका बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद वे झांसा देकर एक लिंक भेजते थे और ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर लोगों के बैंक खातों में सेंध लगा देते थे।
Jamtara नए कानूनों (BNS) के तहत केस दर्ज
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से सागर नायक और किशोर दास का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वे पहले भी साइबर मामलों में जेल जा चुके हैं। इस ताजा कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 29/26 और 30/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की प्रासंगिक धाराओं, आईटी एक्ट (IT Act) की धारा 66(B)(C)(D) और नए टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट 2023 की धारा 42(3)(e) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
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