Isa Ahmad
foreign funding investigation: बस्तर संभाग में विदेशी फंडिंग को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसके बाद चर्च निर्माण और गतिविधियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। कच्चे घरों वाले गांवों के बीच तेजी से बने पक्के चर्च अब जांच के दायरे में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया जांच में अमेरिकी मिशनरी नेटवर्क ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ (टीटीआई) से जुड़े फंड का सीधा लिंक बस्तर संभाग तक मिलने की बात सामने आई है।
foreign funding investigation: टीटीआई नेटवर्क से जुड़े करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा, एफसीआरए नियमों पर उठे सवाल
जांच के दौरान बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 24 डेबिट कार्ड और नगदी के साथ पकड़े गए नेटवर्क की कड़ियां भी बस्तर से जुड़ी बताई जा रही हैं। एजेंसियों के अनुसार टीटीआई भारत में फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) के तहत पंजीकृत नहीं है, इसके बावजूद चर्च निर्माण और विस्तार में खर्च के प्रमाण मिले हैं।
foreign funding investigation: माओवादी प्रभावित इलाकों में खर्च हुई बड़ी रकम, जांच एजेंसियां नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुटीं
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले छह महीनों में करीब 6.5 करोड़ रुपये बस्तर संभाग और धमतरी के माओवादी प्रभावित इलाकों में खर्च किए गए हैं, जबकि देशभर में लगभग 95 करोड़ रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई है।
ईडी की जांच के बाद अब यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या गांवों में तेजी से बने चर्चों के पीछे यही विदेशी फंडिंग है और क्या इन पैसों का इस्तेमाल कानूनी दायरे में हुआ या नियमों का उल्लंघन किया गया। फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई हैं।
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इसी मामले को लेकर पूर्व सांसद और गोंडवाना प्रदेश के उपाध्यक्ष मोहन मंडावी से भी चर्चा की गई, जिन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।





