Char Dham Yatra: उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित Badrinath Temple के कपाट आज सुबह करीब सवा 6 बजे पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। 149 दिनों के लंबे इंतजार के बाद भक्तों को भगवान बद्रीविशाल के दर्शन का अवसर मिला। इस खास मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami भी मौजूद रहे। जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, पूरा परिसर “जय बद्री विशाल” के जयकारों से गूंज उठा।
Char Dham Yatra: 25 क्विंटल फूलों से सजा मंदिर परिसर
भगवान बद्रीनाथ के स्वागत के लिए मंदिर को इस बार विशेष रूप से सजाया गया। लगभग 25 क्विंटल फूलों से पूरे धाम को भव्य रूप दिया गया। पहली बार मंदिर परिसर में फूलों से “ॐ लक्ष्मीपति नमो”, “जय श्री बद्री नारायण” और “वैकुंठाय नमो” जैसे दिव्य संदेश लिखे गए, जिसने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव से भर दिया।
Char Dham Yatra: सर्दियों में क्यों बंद होते हैं कपाट
चारधाम के सभी मंदिर ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां सर्दियों में भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड पड़ती है। इसी कारण हर साल अक्टूबर-नवंबर के दौरान कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इन महीनों में क्षेत्र पूरी तरह बर्फ से ढक जाता है, जिससे आवागमन और दर्शन करना संभव नहीं होता। मौसम सामान्य होने पर अप्रैल-मई में दोबारा कपाट खोले जाते हैं।
Char Dham Yatra: चारधाम यात्रा का धार्मिक और आर्थिक महत्व
चारधाम यात्रा करीब छह महीने तक चलती है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह यात्रा न सिर्फ आस्था का प्रतीक है, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों से राज्य को बड़ा आर्थिक सहयोग मिलता है।
Char Dham Yatra: 2026 की चारधाम यात्रा का पूरा शेड्यूल
इस वर्ष चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को Akshaya Tritiya के दिन हुई, जब Yamunotri Temple और Gangotri Temple के कपाट खोले गए। इसके बाद 22 अप्रैल को Kedarnath Temple के द्वार खुले। अब बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा 2026 पूरी तरह से शुरू हो चुकी है।
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