Strait of Hormuz: रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में किसी भी तरह का व्यवधान भारत के लिए दूर की आशंका नहीं, बल्कि एक वास्तविक खतरा है, जिसका सीधा असर देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है।
Strait of Hormuz: होर्मुज में व्यवधान से ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा
रक्षा मंत्री ने जर्मनी दौरे के दौरान रक्षा एवं सुरक्षा मामलों की संसदीय समिति को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से पूरा करता है। ऐसे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह की रुकावट से तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा।
Strait of Hormuz: 50 दिनों से जारी संघर्ष के वैश्विक प्रभाव

उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में पिछले 50 दिनों से अधिक समय से जारी तनाव अब वैश्विक असर दिखा रहा है। इसका प्रभाव सिर्फ क्षेत्रीय नहीं रह गया है, बल्कि ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता जैसे अहम क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ रहा है।
Strait of Hormuz: हालात पर नजर रखने के लिए मंत्रियों का समूह सक्रिय
राजनाथ सिंह ने जानकारी दी कि भारत सरकार ने स्थिति पर नजर रखने के लिए मंत्रियों के समूह (GoM) का गठन किया है। यह समूह ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।
Strait of Hormuz: बदलते वैश्विक हालात में नई सुरक्षा चुनौतियां
रक्षा मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया नए तरह के सुरक्षा खतरों का सामना कर रही है। तकनीकी बदलावों ने सुरक्षा परिदृश्य को और जटिल बना दिया है। ऐसे में देशों को तेजी से बदलते हालात के अनुरूप अपनी रणनीति और दृष्टिकोण में बदलाव लाना होगा।
Strait of Hormuz: भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग को मिलेगा बल
रक्षा मंत्री ने भारत और जर्मनी के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जर्मनी की औद्योगिक विशेषज्ञता और भारत के उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम का संयोजन रक्षा उत्पादन में नई संभावनाएं पैदा कर सकता है।
Strait of Hormuz: रणनीतिक साझेदारी हो रही मजबूत
उन्होंने कहा कि जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। यह सहयोग आने वाले समय में वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक संतुलन के लिए अहम साबित हो सकता है।
read also: Kedarnath धाम के कपाट खुले, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुई चारधाम यात्रा, श्रद्धालुओं में उत्साह





