Report by: Dharmraj
Haridwar: हरिद्वार में लगातार रिहायशी इलाकों में जंगली हाथियों की एंट्री ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आए दिन हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने से खतरा लगातार बढ़ रहा है, खासकर आगामी कुंभ मेले को देखते हुए स्थिति और गंभीर मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रशासन भी इस खतरे को लेकर सतर्क हो गया है और अब स्थायी समाधान की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है।

Haridwar: ट्रेंच और तकनीक से होगी सुरक्षा
हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए वन विभाग ने एलीफेंट प्रूफ ट्रेंच यानी हाथी रोधी खाई बनाने की योजना तैयार की है। इसके तहत करीब 8.5 किलोमीटर लंबी ट्रेंच का निर्माण किया जाएगा, जिससे हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों में आने से रोका जा सके।
इसके साथ ही आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम भी लगाया जाएगा, ताकि हाथियों की मूवमेंट का समय रहते पता लगाया जा सके और लोगों को अलर्ट किया जा सके।
Haridwar: 50 स्थानों पर लगेंगे AI कैमरे
वन विभाग ने इस योजना के तहत 50 संवेदनशील स्थानों की पहचान की है, जहां एआई कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। यह सिस्टम हाथियों की गतिविधियों को ट्रैक कर तुरंत अलर्ट जारी करेगा, जिससे संभावित खतरे को टाला जा सकेगा।
करीब 2 करोड़ 37 लाख रुपये के बजट से इस पूरे प्रोजेक्ट को अमल में लाया जाएगा, जिसे मंजूरी भी मिल चुकी है।
Haridwar: मानसून के बाद शुरू होगा काम
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मानसून सीजन के बाद इस योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से न केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
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