Hormuz Strait: अरब सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, ईरान से जुड़े एक कार्गो जहाज को अमेरिकी नौसेना ने चेतावनी देने के बाद निशाना बनाया और उसे अपने नियंत्रण में ले लिया।
बताया जा रहा है कि यह जहाज तेहरान की ओर बढ़ रहा था और होर्मुज क्षेत्र को पार कर रहा था। अमेरिकी बलों द्वारा रोकने के निर्देश दिए जाने के बावजूद जहाज ने आदेश का पालन नहीं किया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
Hormuz Strait: जवाबी दावे, ईरान ने ड्रोन हमलों की कही बात
U.S. forces operating in the Arabian Sea enforced naval blockade measures against an Iranian-flagged cargo vessel attempting to sail toward an Iranian port, April 19.
— DOW Rapid Response (@DOWResponse) April 19, 2026
Guided-missile destroyer USS Spruance (DDG 111) intercepted M/V Touska as it transited the north Arabian Sea at… https://t.co/iyzOQd93C3 pic.twitter.com/HwU4XS48Oq
इस घटना के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी पक्ष का दावा है कि उसने अमेरिकी सैन्य जहाजों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमले किए हैं।
हालांकि, इन हमलों को लेकर अमेरिका की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है और सीजफायर भी टूटता नजर आ रहा है।
Hormuz Strait: अमेरिकी रक्षा विभाग ने जारी किया वीडियो
अमेरिकी रक्षा विभाग United States Department of Defense ने इस कार्रवाई का वीडियो भी सार्वजनिक किया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए इस वीडियो में बताया गया कि 19 अप्रैल को अरब सागर में तैनात अमेरिकी बलों ने ईरानी झंडे वाले एक कार्गो जहाज को रोका। यह जहाज कथित तौर पर ईरान के बंदरगाह बंदर अब्बास की ओर बढ़ रहा था।
Hormuz Strait: यूएसएस स्प्रुआंस ने रोका जहाज
अमेरिकी बयान के अनुसार, गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS Spruance (DDG-111) ने एम/वी तौस्का नामक जहाज को उत्तर अरब सागर में रोका।
बताया गया कि जहाज लगभग 17 नॉट की रफ्तार से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा था। अमेरिकी बलों ने कई बार चेतावनी जारी कर यह स्पष्ट किया कि जहाज अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा है।
Hormuz Strait: छह घंटे तक चेतावनी, फिर किया गया फायर
अमेरिका का दावा है कि जहाज को लगातार करीब छह घंटे तक चेतावनी दी गई, लेकिन चालक दल ने इन निर्देशों को नजरअंदाज किया।
इसके बाद अमेरिकी नौसेना ने जहाज के इंजन रूम को खाली करने का आदेश दिया। जब इसका पालन नहीं हुआ, तो डिस्ट्रॉयर ने अपनी 5-इंच MK-45 तोप से फायरिंग कर जहाज के इंजन हिस्से को निशाना बनाया, जिससे उसकी गति और संचालन प्रणाली ठप हो गई।
Hormuz Strait: मरीन यूनिट ने की बोर्डिंग, जहाज हिरासत में
फायरिंग के बाद 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के अमेरिकी जवानों ने जहाज पर चढ़कर उसे अपने कब्जे में ले लिया। फिलहाल यह जहाज अमेरिकी नियंत्रण में बताया जा रहा है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से नियंत्रित, पेशेवर और अनुपातिक तरीके से की गई, ताकि नाकेबंदी का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
Hormuz Strait: पहले भी कई जहाजों को लौटाया गया
अमेरिका ने यह भी जानकारी दी है कि नाकेबंदी लागू होने के बाद से अब तक लगभग 25 वाणिज्यिक जहाजों को या तो रास्ता बदलने या वापस लौटने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
Hormuz Strait: होर्मुज क्षेत्र में बढ़ता जा रहा खतरा
इस पूरे घटनाक्रम के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव और गहरा गया है। एक ओर जहां सैन्य गतिविधियां तेज हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अब नजर इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच यह टकराव आगे किस दिशा में बढ़ता है और क्या कूटनीतिक प्रयास हालात को संभाल पाएंगे या नहीं।
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