Samrat Vikramaditya : भारतीय संस्कृति, परंपरा, गौरवशाली अतीत मंच पर हुआ सजीव
Pramod Shrivastav Editorial Head
Samrat Vikramaditya : उत्तरप्रदेश के वाराणसी स्थित बी.एल.डब्ल्यू. मैदान में ‘विक्रमोत्सव-2026’ के अंतर्गत आयोजित ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का भव्य मंचन दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया। इस ऐतिहासिक नाट्य प्रस्तुति ने भारतीय संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली अतीत को मंच पर सजीव कर दिया। ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का उद्देश्य भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। ‘सम्राट विक्रमादित्य’ के जीवन पर आधारित इस महानाट्य में विशाल सेट, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और पारंपरिक वेशभूषा ने दर्शकों को प्राचीन भारत के स्वर्णिम युग में पहुंचा दिया। मंचन में राजा विक्रमादित्य के न्याय, पराक्रम और धर्मनिष्ठा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

Samrat Vikramaditya : ‘सम्राट विक्रमादित्य’ के जीवन पर आधारित महानाट्य
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मां गंगा के तीरे बाबा विश्वनाथ के धाम में 2000 साल पुराना व गौरवशाली अतीत को लेकर के पूरा देश सम्राट विक्रमादित्य को स्मरण कर रहा है। ये हमारे लिये सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन भाइयों की जोड़ियां इस पृथ्वी पर प्रसिद्ध हुई हैं। एक भगवान श्री राम और लक्ष्मण, एक भगवान कृष्ण और बलराम और तीसरी जोड़ी भृतहरी महाराज और सम्राट वीर विक्रमादित्य की। हमारे लिए सौभाग्य की बात कि गौरवशाली भृतहरी परंपरा से भी हमारे महाराज योगी आदित्यनाथ जी आते हैं।

सीएम ने आगे कहा कि हमारे लिए सौभाग्य की बात है आज इस अवसर पर हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की कर्मस्थली काशी में दानशीलता, वीरता, पराक्रम और उत्कृष्ट परंपरा के नायक सम्राट वीर विक्रमादित्य के उसे जीवन काल से हम सब परिचित हो रहा है। आज बदलते दौर में राजनीतिक धारा भी बदल रही है। दो राज्यों के बीच परस्पर सांस्कृतिक संबंधों को मध्य प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार साथ मिलकर सभी क्षेत्रों में विकास के नए आयाम गढ़ रहा है।





