,

New Delhi ‘खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं’: राज्यसभा उपनेता पद से हटाए जाने पर राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी को दी चुनौती

New Delhi

New Delhi आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मचे आंतरिक घमासान ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। पार्टी ने राज्यसभा में अपने मुखर चेहरे राघव चड्ढा को उपनेता (Deputy Leader) के पद से हटा दिया है। पार्टी के इस फैसले पर पलटवार करते हुए राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की और सीधा आरोप लगाया कि उनकी ‘आवाज दबाने’ की कोशिश की जा रही है।

New Delhi “मैं वो दरिया हूं, जो सैलाब ला सकता हूं”

पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने 2 मिनट 18 सेकंड का एक वीडियो जारी किया, जिसमें उनका तेवर काफी आक्रामक नजर आया। उन्होंने शायराना अंदाज में पार्टी नेतृत्व (अरविंद केजरीवाल) को चुनौती देते हुए कहा:

“खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं। मेरी खामोशी को मेरी हार न समझें, मैं वो दरिया हूं जो सैलाब ला सकता हूं।”

राघव ने सवाल उठाया कि सदन में आम आदमी के हक की आवाज उठाना क्या कोई अपराध है? उन्होंने कहा कि मोबाइल डेटा, मिडिल क्लास पर टैक्स और डिलीवरी बॉयज जैसे मुद्दों पर उन्हें जनता का भारी समर्थन मिला, लेकिन पार्टी को शायद यह रास नहीं आया।

New Delhi अशोक मित्तल होंगे नए उपनेता

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा की जगह सांसद अशोक मित्तल को डिप्टी लीडर बनाने की सिफारिश की है। पार्टी ने सचिवालय से यह भी अनुरोध किया है कि अब तक राघव चड्ढा को पार्टी कोटे से बोलने के लिए जो समय आवंटित किया जाता था, वह अब अशोक मित्तल को दिया जाए। हालांकि, पार्टी ने इसे एक ‘रूटीन प्रक्रिया’ करार दिया है, लेकिन राघव के बोलने के अधिकार को छीनने के कदम ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

New Delhi केजरीवाल बनाम चड्ढा: क्या बदल रहे हैं पार्टी के समीकरण?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राघव चड्ढा का यह सीधा प्रहार सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल के फैसले के खिलाफ है। राघव ने वीडियो में साफ कहा कि सदन में उनका बोलने का अधिकार छीना गया है।

  • मुद्दे जो बने वजह: राघव ने हाल के दिनों में मिडिल क्लास टैक्स और एयरपोर्ट पर महंगे खाने जैसे मुद्दों को उठाकर अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।
  • पार्टी का तर्क: पार्टी इसे सामान्य बदलाव बता रही है, जैसा कि पहले एनडी गुप्ता के समय हुआ था।

Read this: pakistan : पाकिस्तान में ‘गोबर टैक्स’ की तैयारी, भैंस पालना हो सकता है महंगा