BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में गहराते तनाव और युद्ध की स्थितियों के बीच भारतीय आईटी उद्योग की नियामक संस्था नैसकॉम (NASSCOM) ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण परामर्श जारी किया है। नैसकॉम ने सभी सदस्य आईटी कंपनियों को आगाह किया है कि वर्तमान भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण साइबर खतरों और परिचालन संबंधी बाधाओं का जोखिम बढ़ गया है। संस्था ने कंपनियों से अपने सुरक्षा ढांचे को अभेद्य बनाने और आपातकालीन योजनाओं की समीक्षा करने का आग्रह किया है।
पश्चिम एशिया संकट और साइबर युद्ध की आशंका
New Delhi ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने वैश्विक तकनीकी बुनियादी ढांचे (Technology Infrastructure) के लिए चिंताएं पैदा कर दी हैं। नैसकॉम का यह परामर्श ऐसे समय में आया है जब मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण हवाई क्षेत्र और समुद्री व्यापार मार्ग प्रभावित हुए हैं।
- बढ़ता जोखिम: युद्ध की स्थिति में डिजिटल बुनियादी ढांचे और डेटा केंद्रों पर साइबर हमलों की संभावना प्रबल हो जाती है।
- सतर्कता का आह्वान: नैसकॉम ने कंपनियों से कहा है कि वे किसी भी संभावित ‘डिजिटल व्यवधान’ (Disruption) को कम करने के लिए अपने साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल को तुरंत अपडेट करें।
‘बिज़नेस कंटिन्यूटी प्लान’ और डेटा सुरक्षा पर जोर
New Delhi परामर्श में कंपनियों को अपने कामकाज को सुचारू रखने के लिए ‘व्यवसाय निरंतरता योजना’ (BCP) को सक्रिय करने की सलाह दी गई है।
- वैकल्पिक व्यवस्था: महत्वपूर्ण डेटा और सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘क्लाउड ढांचे’ और ‘डेटा केंद्रों’ के लिए वैकल्पिक विकल्प तैयार रखने को कहा गया है।
- कर्मचारियों की सुरक्षा: प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) की सुविधा देने और जमीनी स्थिति की निरंतर निगरानी करने का सुझाव दिया गया है।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और डिजिटल हाईवे की सुरक्षा
New Delhi नैसकॉम ने स्पष्ट किया है कि हालांकि फिलहाल व्यावसायिक परिचालन स्थिर है, लेकिन भविष्य की अनिश्चितताओं को देखते हुए तैयारी पुख्ता होनी चाहिए।
- मजबूत ढांचा: कंपनियों से अपनी तकनीकी क्षमता और झटकों को झेलने की शक्ति (Resilience) को और मजबूत करने का आग्रह किया गया है।
- निगरानी: साइबर खतरों के साथ-साथ वैश्विक यात्रा मार्गों और समुद्री व्यापार पर पड़ने वाले असर को लेकर भी आईटी दिग्गजों को सतर्क रहने को कहा गया है, ताकि सेवाओं की डिलीवरी में कोई रुकावट न आए।





