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Holi दक्षिण भारत की होली: हम्पी से लेकर केरल तक, इन 4 जगहों पर दिखता है रंगों का अनोखा संगम

Holi

Holi आमतौर पर माना जाता है कि होली उत्तर भारत का प्रमुख त्योहार है, लेकिन दक्षिण भारत के राज्यों में भी इसकी छटा निराली होती है। यहाँ होली को केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत और पौराणिक कथाओं के सम्मान के रूप में मनाया जाता है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में होली के अलग-अलग नाम और अनूठे रीति-रिवाज पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

कर्नाटक का ऐतिहासिक हम्पी और केरल की ‘मंजुल कुली’

Holi कर्नाटक के हम्पी में होली का जश्न किसी उत्सव से कम नहीं होता। विजयनगर साम्राज्य की राजधानी रहे इस शहर में खंडहरों के बीच रंगों की बौछार एक जादुई अनुभव देती है। यहाँ होलिका दहन के बाद पूरा शहर नाच-गाने और गुलाल में डूब जाता है। वहीं, केरल में इसे ‘मंजुल कुली’ या ‘उक्कुली’ कहा जाता है। यहाँ के प्रसिद्ध अन्नपूर्णा और गुरुवायूर मंदिरों के पास पारंपरिक संगीत और नृत्य के साथ शालीनता से होली मनाई जाती है।

तमिलनाडु में कामदेव का बलिदान और आंध्र की ‘मेदुरु होली’

Holi तमिलनाडु में होली को ‘कमान पंडिगई’ के रूप में मनाया जाता है। यहाँ लोग इस दिन को कामदेव के बलिदान की याद में मनाते हैं। चेन्नई और मदुरै जैसे शहरों में इस अवसर पर विशेष लोक नृत्यों का आयोजन होता है। दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश में इसे ‘मेदुरु होली’ कहा जाता है। यहाँ भगवान कृष्ण के मंदिरों में विशेष भजन-कीर्तन होते हैं और सड़कों पर रंग-गुलाल उड़ाते हुए भव्य जुलूस निकाले जाते हैं, जो देखते ही बनते हैं।

दक्षिण भारत में होली मनाने के प्रमुख पर्यटन स्थल

Holi यदि आप इस बार दक्षिण की यात्रा पर हैं, तो इन शहरों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें:

  • कर्नाटक: हम्पी और बेंगलुरु।
  • केरल: कोच्चि और तिरुवनंतपुरम।
  • तमिलनाडु: ऊटी, कन्याकुमारी और मदुरै।
  • आंध्र प्रदेश: विशाखापट्टनम और विजयवाड़ा।

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