रिपोर्ट: प्रेम श्रीवास्तव
Jharkhand झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पैतृक गांव झिलिंगगोड़ा में आज गमगीन माहौल के बीच उनके पोते, बीर सोरेन का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। दो दिन पूर्व कुल्लू मनाली में हुए उनके आकस्मिक निधन के बाद, पार्थिव शरीर को जमशेदपुर के रास्ते सरायकेला लाया गया। मासूम बीर को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े।

दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री ने साझा किया दुख
Jharkhand अंतिम यात्रा में प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने चंपई सोरेन के साथ करीब 40 मिनट बिताए और इस कठिन समय में उन्हें ढांढस बंधाया। भावुक होते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “एक दादा को अपने पोते और पिता को अपने पुत्र को कंधा देना पड़े, इससे बड़ी त्रासदी और कुछ नहीं हो सकती। हम पूरी तरह से परिवार के साथ खड़े हैं।”
केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति
Jharkhand बीर सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए राजनीतिक जगत की तमाम बड़ी हस्तियां झिलिंगगोड़ा पहुँचीं। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने चंपई सोरेन से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण किया। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, सांसद जोबा माझी, पूर्व सांसद गीता कोड़ा समेत कई विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने ईश्वर से परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
गाँव में पसरा सन्नाटा, नम आँखों से दी गई विदाई
Jharkhand जैसे ही बीर सोरेन की अंतिम यात्रा शुरू हुई, पूरा झिलिंगगोड़ा गाँव शोक के सागर में डूब गया। चंपई सोरेन के परिवार के लिए यह अत्यंत व्यक्तिगत और मर्माहत करने वाली क्षति है। नम आँखों से हजारों ग्रामीणों और समर्थकों ने अपने ‘नन्हें लाल’ को विदाई दी। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन भी मौके पर मुस्तैद रहा।
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