MAHARASHTRA-AHILYA NAGAR NEWS : जिले से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित छोटा सा गांव सौंदाला इन दिनों अपनी अनोखी पहल के कारण चर्चा में है। गांव ने सामूहिक निर्णय लेकर खुद को “जाति-मुक्त” घोषित किया है और यह साफ कर दिया है कि यहां किसी भी तरह के भेदभाव को जगह नहीं दी जाएगी।

MAHARASHTRA-AHILYA NAGAR NEWS : ग्रामसभा का ऐतिहासिक संकल्प
5 फरवरी को आयोजित ग्रामसभा में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया। इस पहल का नेतृत्व सरपंच Sharad Argade ने किया। प्रस्ताव में स्पष्ट उल्लेख है कि गांव में जाति, धर्म, पंथ या नस्ल के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा। सभी ग्रामीण समान माने जाएंगे और “मेरा धर्म — मानवता” की भावना को अपनाया जाएगा।
MAHARASHTRA-AHILYA NAGAR NEWS : बदलाव की झलक रोजमर्रा की जिंदगी में
यह निर्णय सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव के वातावरण में इसका असर दिखाई देने लगा है। मंदिर के बाहर पांचवीं कक्षा के बच्चे एक साथ बैठकर छात्रवृत्ति परीक्षा की तैयारी करते नजर आते हैं।
एक छात्रा बताती है कि हाल ही में हुए धार्मिक आयोजन में उसकी मुस्लिम सहेली ने भी सबके साथ मिलकर भोजन किया। बच्चों के बीच न तो धर्म का अंतर दिखता है और न ही जाति का। उनके लिए दोस्ती और बराबरी ही सबसे महत्वपूर्ण है।
MAHARASHTRA-AHILYA NAGAR NEWS : समानता की नई पहचान
गांव के लोगों का मानना है कि सामाजिक सौहार्द और पारस्परिक सम्मान ही असली ताकत है। सौंदाला का यह कदम इस बात का उदाहरण है कि यदि समुदाय ठान ले तो भेदभाव और नफरत जैसी सोच को पीछे छोड़ा जा सकता है
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