रिपोर्ट, खन्ना सैनी
Mathura /बरसाना: राधारानी की लाड़ली नगरी बरसाना में बुधवार को द्वापरयुगीन परंपरा जीवंत हो उठी। विश्वप्रसिद्ध लट्ठमार होली का आयोजन पूरे पारंपरिक उत्साह और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। अबीर-गुलाल से सराबोर आसमान और ‘राधे-राधे’ के जयघोष के बीच नंदगाँव के ग्वालों और बरसाना की सखियों के बीच ‘प्रेम युद्ध’ का अनूठा संगम देखने को मिला।
लाठियों की गूँज और ढालों का बचाव
Mathura परंपरा के अनुसार, नंदगाँव से आए हुरियारे (ग्वाले) फाग गाते हुए बरसाना की रंगीली गली पहुँचे। यहाँ पहले से ही तैयार खड़ीं बरसाना की हुरियारिनों ने उनका स्वागत लाठियों से किया।
- प्रेम भरी मार: हुरियारिनों ने पूरी ऊर्जा के साथ हुरियारों पर लाठियां बरसाईं।
- अद्भुत बचाव: नंदगाँव के ग्वाले चमड़े की मजबूत ढालों के सहारे इन लाठियों के प्रहार को झेलते रहे। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद हजारों श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा: भक्ति में डूबा राधारानी मंदिर
Mathura इस वर्ष का विशेष आकर्षण राधारानी मंदिर परिसर में हुआ भव्य स्वागत रहा।
- विनोद बाबा की पहल: प्रसिद्ध संत विनोद बाबा द्वारा मंदिर परिसर में मौजूद हुरियारों, हुरियारिनों और श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई गई।
- मनमोहक दृश्य: जैसे ही आसमान से फूलों की बारिश हुई, पूरा परिसर भक्ति और हर्षोल्लास के चरम पर पहुँच गया। श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते हुए इस ऐतिहासिक क्षण का आनंद लिया।
प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Mathura मेले की विशालता को देखते हुए मथुरा प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
- मौके पर अधिकारी: जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं आयोजन स्थल पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
- सुविधाएँ: देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नज़र रखी गई। प्रशासन की सटीक योजना के चलते यह विशाल आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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