BY
Yoganand Shrivastava
Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ स्थित आवास और कार्यालय पर आयकर विभाग (Income Tax) ने छापेमारी शुरू कर दी। बुधवार सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई में विभाग के दर्जनों अधिकारी और भारी सुरक्षा बल शामिल हैं। विधायक की नाजुक स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद प्रशासन की इस सख्त घेराबंदी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैंसर से जंग और आइसोलेशन के बीच ‘रेड’
Lucknow उमाशंकर सिंह वर्तमान में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और उनकी हालत काफी चिंताजनक बताई जा रही है।
- स्वास्थ्य स्थिति: विधायक के अब तक दो बड़े ऑपरेशन हो चुके हैं और वे अपने गोमतीनगर स्थित आवास में पूरी तरह आइसोलेशन में रह रहे थे।
- इलाज में बाधा: छापेमारी की गंभीरता का आलम यह है कि सुरक्षा बलों ने विधायक के घर में डॉक्टर और नर्स तक के प्रवेश पर रोक लगा दी है। परिजनों और समर्थकों में इस बात को लेकर काफी चिंता देखी जा रही है कि मेडिकल सहायता न मिलने से विधायक की तबीयत और बिगड़ सकती है।
50 से अधिक अफसर और भारी फोर्स तैनात
Lucknow आयकर विभाग की टीम बुधवार सुबह करीब 7:00 बजे विधायक के लखनऊ स्थित ठिकानों पर पहुँची।
- अभेद्य किलाबंदी: इस कार्रवाई में आयकर विभाग के 50 से अधिक अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें भारी संख्या में पुलिस बल का सहयोग मिल रहा है।
- दस्तावेजों की पड़ताल: सूत्रों के अनुसार, टीम विधायक के वित्तीय लेनदेन, संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस और बैंक रिकॉर्ड्स की गहनता से जांच कर रही है। घर के अंदर मौजूद हर फाइल को बारीकी से खंगाला जा रहा है।
वित्तीय अनियमितता के आरोपों के घेरे में जांच
Lucknow आयकर विभाग की यह कार्रवाई विधायक उमाशंकर सिंह से जुड़े कुछ पुराने वित्तीय रिकॉर्ड्स और हाल के बड़े निवेशों को लेकर बताई जा रही है। विभाग को संदेह है कि कुछ संपत्तियों और लेन-देन में टैक्स की चोरी या अनियमितता बरती गई है। फिलहाल जांच टीम ने आधिकारिक तौर पर किसी भी जब्ती या खुलासे की पुष्टि नहीं की है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे गोमतीनगर इलाके में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और विधायक के घर की ओर जाने वाले रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।





