Report: Devendra Jaiswal
Indore : शहर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल से जुड़े डॉक्टर द्वारा रचे गए खौफनाक षड्यंत्र ने सबको झकझोर कर रख दिया है। एक पीड़ित दंपत्ति ने पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के समक्ष अपनी आपबीती सुनाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें आठ महीने तक बंधक बनाकर रखा गया, महिला के साथ बलात्कार किया गया और जन्म के बाद उनके बच्चे को भी छीन लिया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना पुलिस को तत्काल जांच और कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

कर्ज का फायदा उठाकर बुना षड्यंत्र: IVF की आड़ में दरिंदगी
Indore घटना की शुरुआत तब हुई जब प्रेम विवाह करने वाले इस दंपत्ति पर आर्थिक संकट गहराया। एक परिचित के माध्यम से उनकी मुलाकात आरोपी डॉक्टर से हुई, जिसने लोन सेटल करवाने का झांसा दिया। एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे के अनुसार, डॉक्टर ने खुद को विशेषज्ञ बताकर पहले सरोगेसी के लिए राजी किया। जब तीन बार IVF प्रक्रिया असफल रही, तो आरोपी ने पीड़िता को एक होटल में ले जाकर नशीला पदार्थ दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने खाली स्टांप पेपर और कानूनी धमकियों के दम पर दंपत्ति को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
CCTV की निगरानी में कैद और नवजात का ‘किडनैप’
Indore गर्भवती होने के बाद पीड़िता और उसके पति के लिए यातनाओं का दौर शुरू हुआ। उन्हें इंदौर के एक फ्लैट में 8 महीने तक कैद रखा गया, जहाँ ऑडियो-वीडियो वाले CCTV कैमरों के जरिए उन पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाती थी।

- बच्चे को छीना: आठवें महीने में स्वास्थ्य बिगड़ने पर महिला ने ‘मदरहुड हॉस्पिटल’ में बेटे को जन्म दिया। लेकिन अस्पताल से बाहर निकलते ही आरोपी डॉक्टर और उसके साथियों ने नवजात को जबरन छीन लिया।
- धमकी और सबूत मिटाना: आरोपी ने पति का मोबाइल फॉर्मेट कर दिया और पुलिस केस की धमकी दी। बाद में जब दंपत्ति ने बच्चे की मांग की, तो उन्हें दशहरा मैदान बुलाकर पिस्टल की नोक पर डराया गया।
फर्जी दस्तावेजों का खेल और अंतरराष्ट्रीय साजिश की आशंका
Indore पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी डॉक्टर ने इस पूरे मामले को दबाने के लिए फर्जी क्षतिपूर्ति समझौते और यहां तक कि बच्चे का जाली मृत्यु प्रमाणपत्र (Death Certificate) तक तैयार करवा लिया है।
- विदेश भागने की तैयारी: दंपत्ति ने आशंका जताई है कि आरोपी डॉक्टर विदेश भागने की योजना बना रहा है और उनके बच्चे की जान को खतरा है।
- विधिक रुख: एडवोकेट कुन्हारे ने स्पष्ट किया कि भारत में कमर्शियल सरोगेसी पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद मजबूर महिलाओं का इस तरह शोषण किया जा रहा है। फिलहाल, सुरक्षा कारणों से आरोपी का नाम गोपनीय रखा गया है, लेकिन पुलिस की टीमें उसे पकड़ने के लिए सक्रिय हो गई हैं।





