Report: Laxmi Kant Tiwari
Banda कुंभ मेले के दौरान ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और बटुकों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। बुधवार को बांदा जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
“सनातन और जगतगुरुओं का अपमान बर्दाश्त नहीं”
Banda ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले जैसे पावन स्थल पर जगतगुरु शंकराचार्य और छोटे बटुकों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह शर्मनाक है। दीक्षित ने आरोप लगाया कि बटुकों की चोटी पकड़कर उन्हें घसीटा गया और उनके साथ मारपीट की गई, जो सीधे तौर पर सनातन धर्म और उसकी परंपराओं का अपमान है।
पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे को बताया ‘फर्जी’
Banda कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शंकराचार्य पर दर्ज की गई एफआईआर पर कड़ा ऐतराज जताया। जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा कि एक सुनियोजित साजिश के तहत जगतगुरु पर पाँस्को (POCSO) एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने दावा किया कि यह प्राथमिकी एक हिस्ट्रीशीटर की शिकायत पर दर्ज की गई है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली और मंशा पर गंभीर सवाल उठते हैं।
निष्पक्ष जांच और मुकदमा वापस लेने की मांग
Banda जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे कांग्रेसियों ने मांग की है कि केंद्र और राज्य सरकार इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें। कांग्रेस का तर्क है कि संतों की छवि को इस तरह धूमिल करना समाज के लिए घातक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही यह फर्जी मुकदमा वापस नहीं लिया गया और बटुकों के साथ मारपीट करने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन को और उग्र बनाएगी।





