Parasnath Hill : प्रकृति और आदिवासी अस्मिता का दिखा उत्सव
संवाददाता- विवेक गुप्ता
Parasnath Hill : प्रकृति और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक बाहा पर्व की धूम Parasnath Hill स्थित मरांग बुरु में देखने को मिली। संताल आदिवासी संस्कृति के इस महत्वपूर्ण पर्व पर शुक्रवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए।
Parasnath Hill : बाहा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना का पर्व
कार्यक्रम में संस्कृति, कला एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार, मंत्री फागू बेसरा तथा घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन शामिल हुए। अतिथियों का स्वागत आदिवासी परंपरा के अनुसार किया गया।
इसके बाद सभी ने मरांग बुरु में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र और समाज के कल्याण की कामना की। मंच पर अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
Parasnath Hill : पर्यटन विकास का भरोसा
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस स्थल के प्रति उनकी गहरी आस्था है। विधायक से मंत्री बनने तक के सफर में उन्हें यहां से आशीर्वाद मिला है। उन्होंने पर्यटन मंत्री के रूप में मरांग बुरु और पारसनाथ क्षेत्र के समग्र विकास का भरोसा दिलाया।

वहीं मंत्री फागू बेसरा ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार पिछले दो वर्षों से बाहा पर्व को राजकीय उत्सव के रूप में मना रही है, जिससे इसे सरकारी कार्यक्रम का स्वरूप मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी संथाल समाज के धार्मिक स्थलों और पारंपरिक व्यवस्था को अक्षुण्ण रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
Parasnath Hill : आदिवासी समाज का सर्वोच्च धार्मिक स्थल
बाहा बोंगा समिति के सदस्यों ने बताया कि पारसनाथ स्थित मरांग बुरु आदिवासी समाज का सर्वोच्च धार्मिक स्थल माना जाता है और बाहा बोंगा की पूजा सबसे पहले यहीं से शुरू होती है। प्रकृति पूजा से जुड़ा यह पर्व समाज के लोग पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मना रहे हैं।
बाहा पर्व के आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल पूरी तरह उत्सवमय बना रहा।





