BY
Yoganand Shrivastava
Madhya Pradesh मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने आज विधानसभा में अपना तीसरा बजट पेश किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इसे प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने वाला बजट बताया। जहाँ एक ओर सदन में विपक्ष का हंगामा देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर सरकार ने बुनियादी ढांचे, महिला कल्याण और युवाओं के लिए खजाना खोल दिया है।
परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर: 6 शहरों को मिलेंगी ई-बसें
Madhya Pradesh प्रदेश के शहरी परिवहन को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बजट के अनुसार, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन में कुल 472 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। इसके साथ ही, बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए 21,630 करोड़ रुपये की ‘मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना’ को मंजूरी दी गई है। सरकार का लक्ष्य कनेक्टिविटी को बेहतर कर आम जनता के सफर को सुगम बनाना है।
स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण पर भारी निवेश
Madhya Pradesh स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए सरकार ने 23,747 करोड़ रुपये का विशाल प्रावधान किया है, जो चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा। महिला कल्याण भी इस बजट के केंद्र में रहा, जिसके लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘हर नारी को न्याय’ और ‘हर हाथ को काम’ देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए अहिल्या बाई कौशल विकास जैसी योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं।
अन्नदाता को उपहार: सोलर पंप और सम्मान निधि
Madhya Pradesh किसानों की आय बढ़ाने और खेती की लागत कम करने के लिए बजट में 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे 1 लाख सोलर पंप वितरित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त:
- किसान सम्मान निधि: केंद्र और राज्य की योजनाओं को मिलाकर किसानों को सालाना 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता जारी रहेगी।
- प्राकृतिक खेती: जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 21.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को पंजीकृत किया गया है।
- कृषक उन्नति योजना: भावांतर योजना की सफलता के बाद अब इस नई योजना के जरिए किसानों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
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