BY
Yoganand Shrivastava
Dehli भारत और फ्रांस के बीच सामरिक संबंधों का एक नया अध्याय आज मुंबई में लिखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच होने वाली मुलाकात में 3.25 लाख करोड़ रुपये के रक्षा समझौते पर अंतिम मुहर लगेगी। यह सौदा न केवल कीमत के लिहाज से भारत का अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अनुबंध है, बल्कि भारतीय वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ाने वाला भी है।

114 राफेल विमानों का काफिला: 24 ‘सुपर राफेल’ बदलेंगे हवा का रुख
Dehli इस मेगा डील के तहत भारतीय वायुसेना को कुल 114 राफेल फाइटर जेट मिलेंगे। इस सौदे की सबसे बड़ी खूबी इसमें शामिल 24 ‘सुपर राफेल’ (F-5 वर्जन) हैं। ये विमान वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे राफेल (F-3 वेरिएंट) से कहीं अधिक उन्नत होंगे और स्टेल्थ फीचर्स के साथ परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम होंगे।
- F-4 वेरिएंट: अधिकांश विमान इस श्रेणी के होंगे, जिनकी डिलीवरी 2028-29 से शुरू होने की उम्मीद है।
- F-5 (सुपर राफेल): ये विमान 2030 के बाद मिलेंगे, जो दुनिया की सबसे उन्नत श्रेणी की युद्धक तकनीकों से लैस होंगे।
‘मेक इन इंडिया’ को पंख: 96 विमानों का निर्माण अब भारत में होगा
Dehli रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में यह सौदा एक मिसाल बनेगा। समझौते की शर्तों के अनुसार, 114 में से मात्र 18 विमान सीधे फ्रांस से ‘फ्लाई-अवे’ स्थिति में आएंगे। शेष 96 विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।

- स्वदेशी हिस्सेदारी: भारत में बनने वाले इन जेट्स में लगभग 60% पुर्जे स्वदेशी होंगे।
- तकनीकी हस्तांतरण (ToT): फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन भारतीय पार्टनर के साथ मिलकर एयरफ्रेम और इंजन (साफ्रान कंपनी के सहयोग से) बनाने की तकनीक साझा करेगी।
- भारतीय हथियार: सभी विमानों में भारतीय मिसाइलों और रडार प्रणालियों को इंटीग्रेट किया जाएगा, जिससे ये सीधे भारतीय रडार नेटवर्क से जुड़ सकेंगे।
इनोवेशन और AI पर साझा विजन: स्टार्टअप्स के लिए खुलेंगे नए द्वार
Dehli डिफेंस डील के इतर, दोनों नेता आज शाम ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर 2026’ का उद्घाटन करेंगे। राष्ट्रपति मैक्रों के साथ 110 फ्रांसीसी कंपनियों का एक बड़ा दल भारत आया है, जो मुंबई और बेंगलुरु के स्टार्टअप फाउंडर्स और शोधकर्ताओं से मुलाकात करेगा।
- AI रोडमैप: दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदार उपयोग के लिए एक साझा रणनीति तैयार कर रहे हैं।
- आर्थिक प्रभाव: वर्तमान में भारत में 1,100 से अधिक फ्रांसीसी कंपनियां सक्रिय हैं। इस नए सहयोग से निवेश और रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।





