संवाददाता: गगन पाण्डेय
Siwan । हसनपुरा नगर पंचायत के वार्ड संख्या 17 में कचरा डंपिंग की समस्या ने अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। सिवान-सिसवन मुख्य पथ के किनारे रिहायशी इलाके में खुले में फेंके जा रहे कचरे से स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया और कचरा डंपिंग स्थल को तत्काल हटाने की मांग की।
रिहायशी इलाके में मेडिकल वेस्ट और मृत जानवरों का अंबार
Siwan वार्डवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत प्रशासन नियमों को ताक पर रखकर घनी आबादी के पास कचरा गिरा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां केवल घरेलू कचरा ही नहीं, बल्कि अस्पतालों का खतरनाक मेडिकल वेस्ट और मृत जानवरों को भी खुले में फेंक दिया जाता है। इस कारण पूरे क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध फैल गई है और मक्खियों के प्रकोप ने संक्रामक बीमारियों के खतरे को कई गुना बढ़ा दिया है। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका सबसे बुरा असर पड़ रहा है।
स्वच्छता अभियान के दावों पर सवाल
Siwan प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक तरफ सरकार स्वच्छता अभियान पर करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इसके उलट है। ग्रामीणों ने बताया कि वे इस समस्या को लेकर कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दे चुके हैं, लेकिन अधिकारियों ने अब तक इसे गंभीरता से नहीं लिया। मुख्य सड़क के किनारे कचरे के ढेर न केवल पर्यावरण दूषित कर रहे हैं, बल्कि राहगीरों के लिए भी सिरदर्द बन गए हैं। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि कचरा निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन: जल्द होगा समाधान
Siwan मामले की गंभीरता को देखते हुए सिवान के जिलाधिकारी विवेक कुमार मैत्रेय ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि इस समस्या की जानकारी उन्हें मिली है और नगर पंचायत प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया है कि डंपिंग स्थल को लेकर जल्द ही कोई ठोस समाधान निकाला जाएगा ताकि नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना न करना पड़े। अब स्थानीय लोगों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
Read this: Hazaribagh हाथियों का खूनी तांडव: चुरचू में 6 ग्रामीणों को कुचला, एक ही परिवार के 4 सदस्यों की मौत





