Dog Bite Rabies: ग्वालियर में आवारा कुत्तों और जंगली जानवरों के हमले लगातार जानलेवा साबित हो रहे हैं। शहर में डॉग बाइट के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते रोज न्यू जेएएच अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई, जिसे सियार के काटने के बाद रेबीज हो गया था। इससे पहले भी एक महिला की रैबीज के कारण मौत हो चुकी है। इस साल यह रैबीज से दूसरी मौत है, जिसमें एक मामला कुत्ते के काटने और दूसरा सियार के हमले से जुड़ा है।
Dog Bite Rabies: तीन साल में 18 मौतें, स्थिति गंभीर

आंकड़ों पर नजर डालें तो हालात बेहद चिंताजनक हैं। पिछले तीन वर्षों में हर साल औसतन छह मरीजों की मौत रेबीज के कारण हुई है। 2023 से लेकर अब तक कुल 19 मरीज रैबीज से अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें एक मरीज वह भी शामिल है जिसे सियार ने काटा था और उसने एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं लगवाए थे।
टीकमगढ़ की 65 वर्षीय सेवाई बाई पर सियार ने हमला कर दिया था। उन्होंने समय पर एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं लगवाए, जिसके कारण उन्हें रेबीज हो गया। गंभीर हालत में उन्हें न्यू जेएएच के मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया था, लेकिन गुरुवार तड़के उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों का कहना है कि रैबीज का कोई निश्चित इलाज अभी तक उपलब्ध नहीं है और मरीज का उपचार केवल लक्षणों के आधार पर किया जाता है।
Dog Bite Rabies: एक दिन में 333 डॉग बाइट के मरीज

गुरुवार को शहर के तीन प्रमुख अस्पतालों में डॉग बाइट के 333 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। सबसे ज्यादा 142 मरीज जिला अस्पताल मुरार में आए। इसके बाद न्यू जेएएच के पीएसएम विभाग में 102 और सिविल अस्पताल हजीरा में 89 मरीज दर्ज किए गए। सभी मरीजों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए, जबकि गंभीर मामलों में घाव के चारों ओर इम्युनोग्लोबिन के इंजेक्शन भी दिए गए।
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बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के लिए आवारा कुत्तों पर नियंत्रण और लोगों में जागरूकता बढ़ाना बड़ी चुनौती बन गया है।





