BY
Yoganand Shrivastava
Lucknow : उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के कारण लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद यदि चाइनीज मांझे से किसी की जान जाती है, तो इसे सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि ‘हत्या’ (Murder) माना जाएगा और दोषियों पर इसी के तहत केस चलेगा। सीएम ने पुलिस प्रशासन को पूरे प्रदेश में अवैध मांझा बेचने वालों के खिलाफ सघन छापेमारी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
लखनऊ की घटना के बाद शासन सख्त
Lucknow राजधानी लखनऊ में हाल ही में 32 वर्षीय मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शोएब की दर्दनाक मौत ने शासन को झकझोर कर रख दिया है। बाइक से जाते समय हैदरगंज तिराहे के पास शोएब की गर्दन में जानलेवा मांझा फंस गया था, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी जान चली गई। इस घटना का संज्ञान लेते हुए सीएम योगी ने पुलिस प्रमुखों से जवाब-तलबी की है कि प्रतिबंध के बावजूद यह मांझा बाजार में कैसे उपलब्ध है। अब इस अभियान की समीक्षा शासन के उच्च स्तर पर की जाएगी।
कानूनी शिकंजा: जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान
Lucknow चाइनीज मांझे का उपयोग न केवल इंसानों के लिए बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी घातक है। कोर्ट और एनजीटी (NGT) के प्रतिबंध के बाद अब इस पर कई धाराओं के तहत कार्रवाई होगी:
- पर्यावरण संरक्षण अधिनियम: इसके तहत 5 साल की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
- बीएनएस (BNS): धारा 188 के तहत सरकारी आदेश के उल्लंघन पर 6 महीने तक की सजा।
- पशु क्रूरता निवारण अधिनियम: बेजुबान पक्षियों को नुकसान पहुँचाने पर 5 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
जानलेवा बनता जा रहा है पतंगबाजी का शौक
Lucknow पिछले कुछ समय में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दर्जनों लोग इस खूनी धागे का शिकार हुए हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले एक साल में मोहम्मद आमिर, शुभम, रियान और लवकुश जैसे कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पतंगबाजी में दूसरों की पतंग काटने की होड़ में इस्तेमाल होने वाला यह धातु-मिश्रित मांझा बिजली के तारों के संपर्क में आने पर करंट और सड़क पर चलने वालों के लिए ‘फांसी के फंदे’ जैसा साबित हो रहा है।





