BY
Yoganand Shrivastava
Bahraich बहराइच के निशानगाड़ा रेंज स्थित ग्राम पंचायत रमपुरवा के मुखिया फार्म गांव में शुक्रवार को उस वक्त मातम छा गया, जब एक आदमखोर तेंदुए ने घर में घुसकर हमला किया। मासूम अनुष्का (4 वर्ष) अपने घर के आंगन में खेल रही थी, तभी पास के गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने उसे अपना निशाना बनाया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
परिजनों के शोर के बाद झाड़ियों में छिपा तेंदुआ
Bahraich प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेंदुआ इतनी फुर्ती से आया कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। वह बच्ची को अपने मुंह में दबोचकर जंगल की ओर भागने लगा। परिजनों और ग्रामीणों ने जब चीख-पुकार मचाते हुए तेंदुए का पीछा किया, तो वह घबराकर बच्ची को घर से करीब 50 मीटर की दूरी पर छोड़कर नहर के पास झाड़ियों में ओझल हो गया। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाकर बच्ची को बरामद किया, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी।
अस्पताल पहुँचने से पहले ही मासूम ने तोड़ा दम
Bahraich गले और नाक पर गहरे जख्मों के कारण बच्ची की हालत बेहद नाजुक थी। परिजन उसे गोद में लेकर तुरंत नजदीकी अस्पताल की ओर भागे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल की दहलीज तक पहुँचने से पहले ही मासूम अनुष्का ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में इस समय कोहराम मचा हुआ है और भारी भीड़ जमा है।
वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश
Bahraich कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के करीब होने के कारण इस इलाके में जंगली जानवरों का दखल आम बात हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार की शिकायतों के बावजूद वन विभाग जानवरों को रिहायशी इलाकों में आने से रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहा है। लोग अब शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची है, जहाँ उन्हें ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
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