रिपोर्टर–राघवेन्द्र सिंह
Unnao (हसनगंज): भारत सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के लिए प्रस्तावित नए नियमों को लेकर सवर्ण समाज का विरोध तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में उन्नाव के हसनगंज तहसील क्षेत्र में हजारों की संख्या में लोगों ने एकत्रित होकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। प्रदर्शनकारियों ने इन नियमों को समाज के हितों के विपरीत बताते हुए राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी (SDM) प्रज्ञा पांडेय को सौंपा।
विरोध मार्च और जोरदार नारेबाजी
Unnao आंदोलन की शुरुआत हसनगंज कस्बा स्थित संतोषी माता मंदिर परिसर से हुई। क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह उर्फ दीपू सिंह के नेतृत्व में सवर्ण समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने ‘यूजीसी बिल वापस लो’ के नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे स्थिति नियंत्रण में रही।
“सामाजिक संतुलन बिगाड़ने की कोशिश”: बृजेंद्र सिंह
Unnao सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल न केवल सवर्ण समाज के अधिकारों का हनन करता है, बल्कि जातियों के बीच दूरियां बढ़ाकर सामाजिक समरसता को भी बिगाड़ने का काम करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस बिल को वापस नहीं लिया, तो यह आंदोलन केवल हसनगंज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।
प्रशासनिक हस्तक्षेप और ज्ञापन
Unnao प्रदर्शनकारियों का हुजूम जब तहसील कार्यालय पहुंचा, तो उन्होंने एसडीएम प्रज्ञा पांडेय को अपनी मांगों का पुलिंदा सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से यूजीसी के नए प्रावधानों को निरस्त करने की मांग की गई है। सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार को कोई भी नया नियम लागू करने से पहले सभी पक्षों और सामाजिक संतुलन का ध्यान रखना चाहिए।
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