Report: Sartaj khan
Farrukhabad विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों की चिंगारी अब उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद तक पहुँच गई है। यहाँ भारी संख्या में सवर्ण समाज के युवाओं और संगठनों ने जिला मुख्यालय का घेराव करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इन नियमों को “काला कानून” बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।

“तानाशाही नहीं चलेगी”: जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन
Farrukhabad प्रदर्शन के दौरान सवर्ण समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होकर विरोध दर्ज कराया। भीड़ ने “मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार शैक्षणिक संस्थानों में नए नियम लागू कर समाज के एक बड़े वर्ग के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है।

हिंदू महासभा का अल्टीमेटम: 48 घंटे में कानून वापस ले सरकार
Farrukhabad हिंदू महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष विमलेश मिश्रा ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि UGC का यह नया नियम सवर्णों को कुचलने के लिए बनाया गया एक हथियार है। मिश्रा ने इसे संविधान का अपमान और राष्ट्र विभाजन की साजिश करार देते हुए सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो सवर्ण समाज पूरे ‘भारत बंद’ का आह्वान करेगा।

“राष्ट्र निर्माताओं को गुलाम बनाने की साजिश”
Farrukhabad विमलेश मिश्रा ने सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि यह कानून सवर्ण समाज की “हड्डियां तोड़ने” का काम करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जो समाज राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाता है, उसे अब गुलामी की बेड़ियों में जकड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने ऐलान किया कि जब तक सरकार अपने कदम पीछे नहीं खींचती, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
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